लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विपुल खंड में बने सहारा शहर परिसर में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि देशभर में सहारा समूह की संपत्तियों से जुड़े मामलों की जांच के क्रम में यह कार्रवाई की गई।
ईडी की टीम छापेमारी से पहले नगर निगम के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। दरअसल नगर निगम ने करीब दो महीने पहले सहारा शहर को सील कर दिया था। ऐसे में जांच एजेंसी के प्रवेश के लिए सील खोलना जरूरी था। सूचना मिलने पर नगर निगम के संपत्ति विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर सील खुलवाई गई। इसके बाद ईडी की टीम अंदर जाकर जांच में जुट गई।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी जांच
सूत्रों के मुताबिक सहारा समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्तियों के लेन-देन के मामलों की जांच देशभर में चल रही है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित सहारा शहर परिसर में भी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। ईडी अधिकारियों ने परिसर के भीतर कई फाइलें और कागजात खंगाले। जांच टीम कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ भी ले गई है, जिनकी आगे गहन जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
छापेमारी की कार्रवाई के दौरान नगर निगम या ईडी के अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नगर निगम के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। हालांकि सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए हैं, जिनसे आगे की कार्रवाई का रास्ता तय हो सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह से ही परिसर के आसपास गतिविधियां बढ़ गई थीं और जांच एजेंसियों की गाड़ियों की आवाजाही देखी गई। कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा।
तीन दिन पहले ओडिशा समेत तीन राज्यों में भी की थी छापेमारी
सहारा प्राइम सिटी जमीन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन दिन पहले ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कंपनी और उसके अधिकारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए थे। ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने दो फरवरी को अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), बल्लारी (कर्नाटक), भुवनेश्वर और बेहरामपुर(ओडिशा) में सर्च ऑपरेशन किया। सर्च के दौरान व्हाट्सऐप कम्युनिकेशन, कॉन्टैक्ट और कॉल रिकॉर्ड जैसे डिजिटल सबूत मिले थे।’ साथ ही कई आपत्तिजनक कागजातों को जांच के लिए जब्त किया गया था।’ सहारा समूह की अलग-अलग कंपनियों के खिलाफ 500 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। सहारा समूह की कई जमीनों को अटैच करने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। इनमें बेनामी जमीनें और दूसरे लोगों की संपत्तियां शामिल हैं। मामले में तीन लोगों, अनिल वैलापरम्पिल, अब्राहम, और ओपी श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया है। ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
