देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के होनहार युवा देवेश आर्या ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 656 प्राप्त कर अपने परिवार, क्षेत्र और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि देवेश आर्या ने यह उपलब्धि अपने दूसरे प्रयास में हासिल की है। उनकी इस सफलता से खटीमा और चंपावत जनपद में खुशी और गर्व का माहौल है।
देवेश आर्या की सफलता की खबर मिलते ही खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी मेहनत और लगन की सराहना की। युवा पीढ़ी के लिए उनकी यह उपलब्धि एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
23 वर्षीय देवेश आर्या की प्रारंभिक शिक्षा खटीमा स्थित सराफ पब्लिक स्कूल से हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपनी मेधा और मेहनत से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वर्ष 2018 में उन्होंने हाईस्कूल परीक्षा में 86.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद वर्ष 2020 में इंटरमीडिएट (PCMB) की परीक्षा में 94.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद देवेश आर्या ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) बॉटनी की पढ़ाई की। इस दौरान भी उन्होंने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 7.76 CGPA हासिल किया। उच्च शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर भी पूरा ध्यान दिया, जिसका परिणाम उनकी सफलता के रूप में सामने आया।
देवेश आर्या की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी माता पिंकी आर्या अंग्रेजी विषय की प्रवक्ता हैं और अटल आदर्श इंटर कॉलेज, बराकोट (लोहाघाट) में कार्यरत हैं। वहीं उनके पिता महेश आर्या वन निगम के मुख्यालय में आरएम पद पर कार्यरत हैं। माता-पिता ने हमेशा देवेश को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया।
देवेश आर्या ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और लगन के साथ मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
देवेश आर्या की सफलता की खबर से खटीमा और लोहाघाट क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को उम्मीद है कि देवेश आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में रहते हुए समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
