शिमला। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के तहत सेब पर आयात शुल्क घटाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि हिमाचल के बागवानों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
शिमला में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा कि अमेरिका द्वारा जीरो टैरिफ की मांग भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सेब पर आयात शुल्क कम किया जाता है तो इसका सीधा असर हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जो काफी हद तक बागवानी पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर जो प्रस्ताव पारित किया गया है, वह केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि केंद्र सरकार को एक सशक्त संदेश है कि राज्य अपने किसानों और बागवानों के हितों को लेकर गंभीर है।
राठौर ने उम्मीद जताई कि यह प्रस्ताव केंद्र सरकार पर प्रभाव डालेगा और नीति निर्माण में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। राठौर ने इस मुद्दे को केवल हिमाचल तक सीमित न रखते हुए अन्य पहाड़ी राज्यों से भी एकजुटता की अपील की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों को भी अपने-अपने विधानसभा में इसी तरह के प्रस्ताव पारित करने चाहिए, ताकि सामूहिक रूप से केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके अनुशासन पर निर्भर करती है। राठौर ने दोहराया कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में काम नहीं करते और जो भी निर्णय होगा, वह पूरी तरह पार्टी के हित और संविधान के अनुरूप ही लिया जाएगा।
राठौर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि कोई विधायक, पदाधिकारी या पार्टी नेता संगठनात्मक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करता है या पार्टी मंच के बाहर अपनी व्यक्तिगत राय सार्वजनिक रूप से व्यक्त करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।
