मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 69804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्ट फोन वितरित किए। लखनऊ के लोकभवन सभागार में सीएम योगी ने नवचयनित 18440 आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए । कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि जल्द आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा । उन्हें सम्मानजनक मानदेय मिलेगा और न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाएगी । योगी ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण न हो इसके लिए निगम बनाया गया है। अप्रैल महीने से ही इन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सभी विभागों में बढ़ा मानदेय दिया जाएगा ।
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि हर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और आंगनबाड़ी सहायिका की भूमिका को देखते हुए आपको यह उपाधि दी है कि यशोदा मैया ने कृष्ण कन्हैया के लिए जिस भूमिका का निर्वहन किया था, वही भूमिका आज के परिप्रेक्ष्य में आपकी है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है, और उस सम्मान की गरिमा की रक्षा करना, उसके अनुरूप देश के भविष्य को गढ़ना, उसको तराशना, आगे बढ़ाना, उसकी नींव को मजबूत करना, ये महती जिम्मेदारी आपके ऊपर है। सीएम योगी ने कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित है और मां स्वस्थ है तो मानकर चलिए कि भारत का भविष्य सशक्त है। पिछले नौ साल के अंदर डबल इंजन सरकार अनेक कदम उठाए हैं और उसके सारथी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं हैं। वे ही जमीनी धरातल पर सरकार के प्रयासों को उतार रही हैं। आपके कारण परिणाम भी सामने आए हैं।
प्रदेश में 69,794 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन
लखनऊ के कार्यक्रम में 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किया गया। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो गया। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन किया, जिसकी लागत लगभग 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है।
13 जिलों में 633 आंगनबाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं पर कुल 1,37,04.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 70 जिलों में 2,468 आंगनबाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण भी किया गया। इसकी कुल लागत 3,13,26.31 लाख रुपये है।माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
