शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि रक्कड़-परागपुर में उनके परिवार की पुश्तैनी जमीन है। भाजपा शासन में इसमें से कुछ भूमि पर परिवार को सूचित किए बगैर जलशक्ति विभाग ने पानी के टैंक बनाया। उनका परिवार इस जमीन को बेचना ही नहीं चाहता था, पत्थर वाली इस जमीन पर क्रशर लगाया जा सकता था। टैंक बनने के बाद 500 मीटर के दायरे में खनन की इजाजत नहीं मिलती। उनके बड़े भाई ने इस जमीन को सरकार को न देने की इच्छा जताई। मामला नादौन कोर्ट में भी गया और इस पर स्टे मिला था।
बिना परिवार को पूछे जमीन पर टैंक का निर्माण करने को लेकर अफसरों की नौकरी पर जब बात आई तो उन्होंने ही अपने भाई को इसके लिए राजी किया। लोगों को पीने के लिए पानी मिले इसलिए परिवार को राजी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्कड़-परागपुर में 50 लाख रुपये प्रति कनाल जमीन की कीमत है। सरकार ने उनकी 10 कनाल जमीन 18 लाख रुपये पर ली है और यह काफी कम दाम पर ली गई है और यह भुगतान पूर्व भाजपा सरकार के वक्त हुआ। उन्होंने कहा कि भू-अधिग्रहण के लिए बनी कमेटी की सिफारिशों के बाद ही इस जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
सवाल के पीछे मंशा ठीक नहीं
मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक आशीष शर्मा के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस सवाल के पीछे मंशा भी ठीक नहीं है। दूसरी बार विधानसभा में यह सवाल पूछा जा रहा है जबकि पहले इस का जवाब दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जमीन की जांच ईडी भी कर चुकी है।
पहले 2700 और बाद में 18 लाख
भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि 2012 में 2700 में जमीन खरीदी गई और बाद में विभाग ने यही जमीन 18 लाख में खरीदी।
मुकेश बोले पहले चर्चा हो चुकी, विधायक का मन नहीं मान रहा
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह सवाल पहले भी सदन में लग चुका है। विधायक का मन नहीं मान रहा है। आपकी सरकार में जमीन खरीदी गई जयराम ठाकुर इस पर बेहतर बता सकते हैं। यह मामला हाई कोर्ट तक भी गया था। उन्होंने कहा कि वह सदस्य की भावनाएं समझते हैं और इस लड़ाई को उचित मंच पर लड़ें।
स्थिति स्पष्ट करें ऐसा न लगे कि हम दोनों ने कुछ किया : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि बार-बार पूर्व सरकार का जिक्र किया जा रहा है। उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। सरकार स्पष्ट करे कि जमीन किस रेट पर ली व किस विभाग ने ली। ऐसा न लगे हम दोनों ने मिलकर कुछ किया है। विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अध्यक्ष बोले मैं देखूंगा कि यह प्रश्न पहले लग चुका है या नहीं
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे कि यह प्रश्न पहले लग चुका है या नहीं। विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि पहले जो प्रश्न पूछा था यह उससे अलग है। विधायक होने के नाते प्रश्न पूछना उनका अधिकार है।
