देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – फिल्म फेस्टिवल 2026” में प्रतिभाग करते हुए हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – सीजन 2” का भव्य शुभारंभ किया और “श्रद्धा सम्मान” पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक फिल्म फेस्टिवल नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान करने की एक सशक्त पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से राज्य की संस्कृति, खान-पान और प्राकृतिक सौंदर्य का व्यापक प्रचार-प्रसार होता है और स्थानीय कलाकारों को नई पहचान मिलती है।
उत्तराखंड को फिल्म हब बनाने की पहल
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रमुख फिल्म हब के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नई फिल्म नीति के तहत उत्तराखंड में शूट की गई हिंदी एवं अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक और गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी फिल्मों को 2 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस नीति में वेब सीरीज और विदेशी फिल्में भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि फिल्म शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 7 दिनों के भीतर दी जाती है और प्रदेश में किसी प्रकार का शूटिंग शुल्क नहीं लिया जाता। साथ ही, क्षेत्रीय फिल्मों को सप्ताह में कम से कम एक दिन स्थानीय सिनेमाघरों में दिखाना अनिवार्य किया गया है।
राज्य का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म और युवा सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म “वीडियोज़ अलार्म” अब 18 से अधिक देशों तक पहुंच बना चुका है, जिससे राज्य की लोक-संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरकार Talent, Technology और Training के ईकोसिस्टम पर कार्य कर रही है ताकि युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में राज्य में फिल्म सिटी, फिल्म संस्थान, शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन हाउस और सिनेमा हॉल विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह फिल्म फेस्टिवल युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को मजबूती देगा।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थितियां
कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, प्रसिद्ध अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, आयोजक नरेन्द्र रौथाण सहित संस्कृति विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
