अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को आयोजित होने जा रहे नवसंवत्सर समारोह में आमंत्रित अतिथियों को अंगरक्षकों के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अतिथियों के प्रवेश पत्र पर कोड अंकित रहेगा, इसी के आधार पर प्रवेश मिलेगा। सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र व मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। केवल सिख समुदाय के आमंत्रित अतिथि ही अपने कृपाण साथ में ले जा सकेंगे।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव व विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय ने कहाकि नवसंवत्सर समारोह के दिन नवरात्र भी शुरू हो जाएगा, इस कारण व्रतियों के लिए फलाहार की भी व्यवस्था रहेगी।
महासचिव चंपतराय ने एक वीडियो संदेश जारी कर आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। कहाकि नवसंवत्सर समारोह में लगभग सात हजार लोगों को आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्रपति होंगी मुख्य अतिथि
समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी। वह राम मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। वह रामलला का दर्शन-पूजन व मध्याह्न आरती भी करेंगी।
चंपतराय ने बताया कि समारोह में केरलम की प्रसिद्ध धर्मगुरु माता अमृतानंदमयी व उनके एक हजार अनुयायी भी सम्मिलित होंगे। सभी आमंत्रित अतिथियों को उनके नाम के साथ विशेष प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। यह अहस्तांतरणीय होगा। इस पर कोड नंबर आवंटित रहेगा।
इसी के आधार पर उन्हें बिना मोबाइल प्रवेश संभव होगा। प्रवेश द्वार की जानकारी समय पर दे दी जाएगी। अतिथियों के लिए पानी व अन्य आवश्यक संसाधन कार्यक्रम स्थल पर उपलब्ध रहेगा। महासचिव ने कहाकि राष्ट्रपति का रामजन्मभूमि परिसर में आगमन 19 मार्च को प्रात: 11 बजे तक होगा।
इसके बाद वह दर्शन-पूजन करके श्रीराम यंत्र की स्थापना करेेंगी। तत्पश्चात वह नवसंवत्सर समारोह में सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम में राम मंदिर के निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यदायी एजेंसियों के लोगों को भी आमंत्रित किया गया है।
मंदिर व्यवस्थापक व एसपी सुरक्षा ने परखीं तैयारियां
रामजन्मभूमि परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन को लेकर रविवार को राम मंदिर के व्यवस्थापक व विहिप पदाधिकारी गोपाल राव ने एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे, सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट विनय सिंह, रामजन्मभूमि पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार व अन्य के साथ आयोजन स्थल पर की जा रहीं तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इस दौरान अतिविशिष्ट प्रवेश द्वार (जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य प्रवेश द्वार) से राष्ट्रपति के आगमन व दर्शन-पूजन से संबंधित सभी रूटों काे देखा गया और सुरक्षा को लेकर व्यापक विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त आमंत्रित अतिथियों के प्रवेश और उन्हें आयोजन स्थल तक पहुंचाने और दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने को लेकर प्लान पर चर्चा की गई।
