देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है. एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे को लेकर भाजपा बड़े स्तर पर तैयारियों में जुटी है, तो दूसरी ओर जमीन से जुड़े मामलों और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने अमित शाह के उत्तराखंड आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि, देहरादून के परेड ग्राउंड में होने वाली जनसभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, 6 नवंबर से राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं. पहले ही कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री का उत्तराखंड दौरा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है. पार्टी इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी कर रही है और इसके लिए प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं को जुटाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमित शाह का मार्गदर्शन प्रदेश के विकास और संगठन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा.
भाजपा का उत्तराखंड से विशेष जुड़ाव रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उत्तराखंड अलग राज्य बना और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में विकास के कई काम हो रहे हैं. केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में विकास की नई संभावनाएं तैयार हुई हैं. ऐसे में अमित शाह का यह दौरा भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.
-महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा-
लैंड फ्रॉड मामले में भट्ट का बयान: वहीं, कांग्रेस की ओर से राज्य सरकार पर लगाए जा रहे लैंड फ्रॉड और सरकारी जमीनों से जुड़े आरोपों पर भी महेंद्र भट्ट ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि, सरकारी जमीनों पर कब्जे और जमीनों की बंदरबांट के मामले में कांग्रेस का अपना पुराना इतिहास रहा है. भट्ट ने आरोप लगाया कि, कांग्रेस शासनकाल में सरकारी संपत्तियों का जिस तरह इस्तेमाल और आवंटन हुआ, उस पर पार्टी को पहले अपना जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल के दौरान हुए जमीन से जुड़े मामलों को भी याद करना चाहिए. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने धामी सरकार की भूमि नीति का बचाव करते हुए कहा कि, सरकार ऐसी बंजर और अनुपयोगी जमीनों का बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रही है, जिनका लंबे समय से कोई उपयोग नहीं हो रहा था. सरकार की कोशिश है कि इन जमीनों का व्यवस्थित उपयोग करके प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जाएं. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति का उद्देश्य जमीनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना और राज्य के विकास को गति देना है.
कांग्रेस विकास और रोजगार से जुड़े प्रयासों का विरोध करके राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस के आरोपों और प्रदर्शनों से जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता और इसका राजनीतिक नुकसान भी कांग्रेस को ही उठाना पड़ेगा.
-महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा-
कांग्रेस पर साधा निशाना: उधर, कांग्रेस की प्रस्तावित रैली और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी महेंद्र भट्ट ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास उत्तराखंड में अब गिनती के ही नेता रह गए हैं और वही नेता अलग-अलग जगहों पर जाकर पार्टी का राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस के नेता उत्तराखंड आते हैं, रैली करते हैं और जनता के सामने अपनी बात रखते हैं, तो भाजपा को इससे कोई परेशानी नहीं है. लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और कार्यक्रम करने का अधिकार है. लेकिन इससे भाजपा की चुनावी तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है.
भाजपा चुनावी तैयारियों के मामले में कांग्रेस से काफी आगे है. पार्टी ने काफी पहले से ही चुनाव प्रबंधन का काम शुरू कर दिया है. बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जा रहा है और कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच जाकर सरकार के कामों और पार्टी की नीतियों को पहुंचा रहे हैं.
-महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा-
भट्ट के मुताबिक, भाजपा की चुनावी रणनीति केवल बड़ी रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि, भाजपा का कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच काम कर रहा है और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है. कुल मिलाकर अमित शाह के दौरे को लेकर भाजपा जहां बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुटी है.
महेंद्र भट्ट के बयानों से साफ है कि पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है. लैंड फ्रॉड के आरोपों से लेकर चुनावी तैयारियों तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष को घेरने की कोशिश की है. अब देखना होगा कि अमित शाह की जनसभा में भाजपा कितना बड़ा जनसमर्थन जुटा पाती है और कांग्रेस इन आरोपों पर किस तरह पलटवार करती है.
