लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा पदयात्रा के नाम पर सत्ता संरक्षण में पूरे प्रदेश में अराजकता फैला रही है। भाजपा के पास महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अन्याय, अत्याचार का कोई जवाब नहीं है। इसीलिए सड़क पर उतर कर जनता को भ्रमित कर रही है। इस अराजकता से व्यापारी, छात्र, आम जनता सभी परेशान है।
सपा प्रमुख ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर बैठक में कहा कि भाजपा की पदयात्रा ने लखनऊ में ‘ट्रैफिक अराजकता’ फैलाकर लोगों को तकलीफ पहुंचाई है। इसी तरह से त्योहारी सीजन में पदयात्रा करके पहले से ही जाम से परेशान कानपुर शहर में अराजकता फैलाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 साल की सरकार के बावजूद भाजपा के पास जनता को बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है।
‘भाजपा के मतदाता बढ़ाने की साजिश कर रहा आयोग’
उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग करते कहा कि आधार कार्ड को बायोमेट्रिक के जरिए मतदाता सूची से जोड़ा जाना चाहिए। आधार कार्ड मेटल का बनाया जाए, जिससे उसका डुप्लीकेट न बन सके। आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अब चुनाव आयोग फार्म-6 के जरिए भाजपा के मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की साजिश कर रहा है।
कार्यकर्ताओं को सावधान रहकर फर्जी वोट बनने से रोकना है। वहीं बांके बिहारी मंदिर वृंदावन के गोस्वामी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने सपा प्रमुख से मुलाकात की। सपा प्रमुख ने कहा कि ब्रज क्षेत्र को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा तथा मंदिर सरकारीकरण से मुक्त होंगे।
तथकथित कथावाचक को बुलाने वालों को भी पड़ेंगे ‘लेन के देने’
सपा प्रमुख ने बिना नाम लिए कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम न कराने का आग्रह, अब आयोजकों से किया है। उन्होंने गुरुवार को एक्स पर लिखा कि जो लोग इन जैसों को बुलाकर अपनी धाक जमाना चाहते हैं, वो सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक रूप से बहुत नुकसान भोगेंगे।
सामान्य शब्दों में कहा जाए तो उनको ‘लेन के देने’ पड़ जाएंगे , उनकी सारी राजनीति धरी की धरी रह जाएगी। इसलिए ईशनिंदा में भागीदार न बनें अन्यथा इनके मौखिक पापों की सजा उन्हें भी भुगतनी पड़ेगी। इनके बजाय किसी सच्चे ‘विचारक-वाचक’ को आमंत्रित करें।
