शिमला: दिल्ली में एक नवंबर को कांग्रेस और भाजपा की रैलियों को लेकर देशभर में सियासी माहौल गर्म है. हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने दिल्ली में होने वाली महारैली के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देश की जनता को मतदान का अधिकार कांग्रेस की बदौलत मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वोटों की चोरी करके सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है तो इसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि वोट चोरी के मामले में उन्हें इस्तीफा देना होगा.
दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शुक्रवार को देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. शिमला के रिज मैदान पर स्थित दोनों नेताओं की प्रतिमाओं पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, मंत्री यादवेंद्र गोमा और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं के देश के लिए योगदान को याद किया और लोकतंत्र, संविधान तथा मतदान के अधिकार को लेकर अपनी बात रखी.
‘कांग्रेस ने लोकतंत्र की स्थापना और संविधान की रक्षा की’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों साल की गुलामी के बाद जब देश आजाद हुआ तो कांग्रेस के नेताओं ने यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया कि देश में जनता की आवाज हो और लोकतंत्र की स्थापना हो. उन्होंने कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान भी आजाद हुआ था, लेकिन वहां लोकतंत्र उतनी मजबूती से स्थापित नहीं हो पाया. सुक्खू ने संविधान निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक संविधान की रक्षा की है. उन्होंने कहा कि इसी संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत देश में चुनाव होते हैं और जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार मिलता है. इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था के माध्यम से नरेंद्र मोदी भी देश के प्रधानमंत्री बने हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से पहले आम जनता को मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं था और कांग्रेस ने ही जनता को वोट का अधिकार दिलाया.
‘वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यदि वोटों की चोरी करके सत्ता हासिल करने का प्रयास किया जाता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र में मिले अधिकारों के तहत विरोध दर्ज करवा रही है. मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया और जनता के वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की मजबूती के लिए मतदान के अधिकार की रक्षा जरूरी है और कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी.
CM सुक्खू ने इंदिरा गांधी को बताया साहसी नेता
इंदिरा गांधी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसी शख्सियत थीं, जो कभी डरती नहीं थीं. वह साहसी थीं और कठिन परिस्थितियों में बड़े फैसले लेने की क्षमता रखती थीं. सुक्खू ने कहा कि वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इंदिरा गांधी के नेतृत्व ने इतिहास बदल दिया और बांग्लादेश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उस समय देश के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन इंदिरा गांधी ने मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता का परिचय दिया.
सरदार पटेल के योगदान को भी किया याद
मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि वह वास्तव में लौह पुरुष थे. आजादी के बाद देश के सामने अलग-अलग रियासतों के विलय की बड़ी चुनौती थी. ऐसे समय में सरदार पटेल ने साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ यह जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने जम्मू-कश्मीर और हैदराबाद सहित विभिन्न रियासतों के भारत में एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका का उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मजबूत नेतृत्व और फैसलों से देश की एकता और अखंडता को मजबूती मिली.
