भिवानीः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में प्रदेश भर के खिलाड़ियों को सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने एशियन व पैरा एशियनय खेलों में गोल्ड मैडलिस्ट, कांस्य पदक विजेताओं सहित 123 खिलाड़ियों को 185 करोड़ का चेक देकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया. नायब सैनी ने भीम स्टेडियम में कार्यक्रम में पहुंचकर 8 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. अपने संबोधन के दौरान भिवानी स्टेडियम के लिए 50 करोड़ की घोषणा भी की.
‘हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी मिलेगा सरकारी लाभ’: मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है. हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-सी और ग्रुप डी में सरकारी नौकरियां दी गई हैं. हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है, जिसके तहत हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा.” मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को अग्रिम राशि देने का प्रावधान किया गया है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण उनकी ट्रेनिंग प्रभावित न हो. सरकार चाहती है कि खिलाड़ी मैदान में केवल अपने प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला करें, आर्थिक मजबूरियों से नहीं.
17802 खिलाड़ियों को मिल चुका है 936 करोड़ का नकद पुरस्कारः मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रदेश सरकार ने खेल पुरस्कार विजेताओं के लिए मासिक मानदेय की व्यवस्था की है. खेल रत्न, अर्जुन अवार्ड, द्रोणाचार्य अवार्ड और मेजर ध्यानचंद अवार्ड विजेताओं को 20 हजार रुपये प्रतिमाह और भीम अवार्ड विजेताओं को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है. प्रदेश में अब तक 17 हजार 802 खिलाड़ियों को 936 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है.”
गांव की मिट्टी और स्कूलों से प्रतिभा निखारती है सरकारः मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की यात्रा सीधे पदक जीतने से शुरू नहीं होती, बल्कि गांव की मिट्टी और स्कूल के मैदान से उसकी प्रतिभा निखरती है. इसी प्रतिभा को समय रहते पहचानने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं. इनमें 8 से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है. इसके अलावा 25 आवासीय खेल अकादमियां खोली गई हैं, जहां खिलाड़ियों को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से डाइट मनी दी जाती है.
12 वर्षों में प्रदेश में बुनियादी ढांचे पर 1100 करोड़ खर्चः मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रदेश में खेलों के बुनियादी ढांचे पर लगभग 1100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. वर्ष 2013-14 में खेल विभाग का बजट 163 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है. खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण और बेहतर रिकवरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पंचकूला के ताऊ देवी लाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है.
नशे से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है खेलः मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि उनकी उपलब्धियां केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हजारों बच्चों के आदर्श भी हैं, जो उन्हें देखकर खेलों में अपना भविष्य तलाश रहे हैं. मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं. खेल का मैदान युवाओं को अनुशासन सिखाने के साथ नशे से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि हरियाणा का प्रत्येक युवा मैदान से जुड़े और नशे से दूर रहे.
‘खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन भी अहम’: इस मौके पर भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौ. धर्मबीर सिंह एवं महिला बाल विकास विभगा एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि हरियाणा की खेल शक्ति अब किसी एक जिले या खेल तक सीमित नहीं है. प्रदेश के खिलाड़ी कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स, शूटिंग और तीरंदाजी सहित विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. प्रदेश की बेटियां भी हर मैदान में आगे बढक़र पदक जीत रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं. खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ परिवारों का विश्वास और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन भी अहम है.
