राजपुरा – शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने आज पंजाब में बार-बार हो रही बर्बर हिंसा की घटनाओं पर स्तब्धता व्यक्त की और जोर देकर कहा कि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा अपने अधिकार को समाप्त करने का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसने गैंगस्टरों और ड्रग माफिया को मनमानी करने का लाइसेंस दे दिया है।
बठिंडा के सांसद ने डेरा बस्सी और घनाउर में ‘मावां-धीयां इंसाफ यात्रा’ के तहत एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “पंजाब में एक के बाद एक हिंसक घटनाएं हो रही हैं, चाहे वह एक युवक का हाथ काटकर उसके माता-पिता को भेजने का भयावह तरीका हो या पटियाला में एक युवक का अपहरण और हत्या और मोगा और जगराओं में गोलीबारी की घटनाएं हों।”
श्रीमती हरसिमरत बादल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा कि पंजाब के युवाओं को बदनाम करने के बाद वे पंजाब को क्या संदेश देना चाहेंगे। उन्होंने राहुल को एक असफल नेता बताया और कहा कि उन्हें पंजाब आकर लोगों को गुमराह करने और धोखा देने के बजाय अपने ही लोगों को बचाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की इस बात के लिए भी निंदा की कि वह 1 नवंबर को एक कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जो दिल्ली और देश के कई हिस्सों में सिखों के नरसंहार की बरसी है।
मुख्यमंत्री के बारे में बात करते हुए श्रीमती बादल ने कहा कि यह शर्मनाक है कि उन्होंने मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले शहीद परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान का यह कहना निंदनीय है कि पीड़ित परिवार की मांगें जायज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने मादक पदार्थों के माफिया के हाथों अपने बेटे को खोया है, वह केवल राजनेता-पुलिस-प्रशासन के गठजोड़ के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। “परिवार को उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का पूरा अधिकार है जिन्होंने परविंदर झोटा के हत्यारे अश्वनी कुमार को हथियार लाइसेंस दिया था, साथ ही उस ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करने का अधिकार है जिसने अपनी निगरानी में अश्वनी की दवा की दुकान पर मनोरोगी दवाओं की बिक्री की अनुमति दी थी।”
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का ड्रग माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई करने का इरादा नहीं है, यह कहते हुए श्रीमती हरसिमरत बादल ने कहा, “अब हमें खुद अपने राज्य को इस खतरे से बचाना होगा।” उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मावन-धीयां दी फौज का गठन किया गया है। उन्होंने अभियान में शामिल सभी महिलाओं से पंद्रह-पंद्रह महिलाओं के जत्थे बनाकर गांवों में जाकर ड्रग व्यापार रोकने की अपील की। उन्होंने महिलाओं से ड्रग बेचने वालों और उन्हें कार्रवाई से बचाने वालों का विवरण दर्ज करने की भी अपील की। उन्होंने कहा, “2027 में जब एसएडी सरकार बनेगी, तो एक महिला डीजीपी की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यबल का गठन किया जाएगा, जो सभी ड्रग अपराधियों पर नकेल कसेगी और आपकी गवाही का इस्तेमाल उन्हें सजा दिलाने के लिए किया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि अगली एसएडी सरकार ड्रग तस्करों को दस साल तक जमानत न देने के साथ-साथ उनकी सारी संपत्ति जब्त करने के लिए कानून में बदलाव भी करेगी।
श्रीमती बादल ने उन माताओं के प्रति भी सहानुभूति व्यक्त की जिन्होंने नशे की वजह से अपने बेटों को खो दिया था। उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर लोधी की मंजीत कौर जैसी महिलाओं की दुर्दशा देखना बहुत मुश्किल है, जिन्होंने नशे के कारण अपने पांच बेटों को खो दिया और प्रीतो ने इस बुराई के कारण अपने चार बच्चों को खो दिया। उन्होंने नशा-विरोधी योद्धा परविंदर झोटा की मां और पत्नी की भी सराहना की, जिन्होंने आम आदमी पार्टी की ताकत के सामने खड़े होकर इस बुराई के खिलाफ न्याय दिलाने की कोशिश की।
युवा अकाली दल के अध्यक्ष और हल्का प्रभारी सरबजीत सिंह झिंझेर ने बताया कि कैसे आम आदमी पार्टी की सरकार युवाओं की पूरी पीढ़ी को खतरे में डाल रही है। इस अवसर पर बोलने वाले अन्य नेताओं में परमिंदर कौर और मुखमेलपुर की हरप्रीत कौर शामिल थीं।
