लखनऊ। कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही श्रद्धा, रश्मि और तनवीर उर्फ दानिश नेपाल से सोनौली बार्डर से निकलकर लखनऊ हाई कोर्ट आए और फिर फरार हो गए, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
सूत्रों से पता चला है कि श्रद्धा यहां थोड़ी देर के लिए रुकी। हाई कोर्ट परिसर में अधिवक्ता ने कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद एक्सप्रेसवे से आगरा और वहां से सहारनपुर जा पहुंची।
वहीं, आठ दिन बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए डीसीपी डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया।
तीनों आरोपितों पर इनाम बढ़कर 50 हजार
दूसरी ओर, पुलिस ने रविवार को इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। कार्रवाई के बाद भी फिलहाल इंस्पेक्टर विक्रम सिंह आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में शामिल हैं।
पुलिस की टीमें लगातार फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस कार्रवाई के मुताबिक, श्रद्धा के बुर्का पहनकर गोरखपुर पहुंचने की पुष्टि हो गई थी। पुलिस टीम उसकी लोकेशन का पीछा करते हुए वहां तक पहुंची, लेकिन वह हाथ नहीं लगी।
उधर, रविवार देर शाम श्रद्धा ने एक समाचार एजेंसी को वीडियो बयान देकर खुद को बेकसूर बताया। हालांकि बयान कहां पर दिया, स्थान की पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस बार भी श्रद्धा ने घटना को आत्महत्या करार देते हुए वही बातें दोहराईं, जो इससे पहले नेपाल से जारी वीडियो में कही थीं। उसके बयान के बाद मामले में आरोपित पक्ष की ओर से सामने रखे जा रहे दावों और पुलिस की जांच के बीच टकराव बढ़ गया है। हालांकि, श्रद्धा के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
