धर्मशाला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला स्थित सकोह में ₹33.78 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले इंडोर आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक की आधारशिला रखी. इस भवन के बेसमेंट में जिम, बिलियर्ड्स रूम और कैफे की सुविधा होगी. इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर में वीआईपी लाउंज और ऊपरी बालकनी में 1,079 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी.
इस रोलर स्केटिंग रिंक की दर्शक दीर्घा में 250 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. जबकि परिसर में 250 वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए.
वहीं, सीएम ने धर्मशाला शहर के लिए ₹982 लाख की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन सुविधा का भी लोकार्पण किया. इस संयंत्र की निर्धारित क्षमता 60 केएलडी प्रतिदिन है. इसके माध्यम से सीवरेज नेटवर्क से वंचित धर्मशाला के सात वार्डों को सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 7,500 परिवार लाभान्वित होंगे.
इसके अलावा कांगड़ा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में प्रशासनिक सुधार एवं ई-गवर्नेंस विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को भी संबोधित किया. इस सम्मेलन में देशभर से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, नीति निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लिया. सीएम ने कहा कि हमें पारंपरिक नौकरशाही व्यवस्था से आगे बढ़कर पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली की ओर बढ़ना होगा. किसी भी सरकार के संचालन के लिए सुशासन अनिवार्य है. ई-गवर्नेंस की वास्तविक सफलता तकनीकी जटिलता में नहीं, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन को सरल बनाने की क्षमता में निहित है.
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि सत्तासीन होने का उद्देश्य सुख-सुविधाओं का आनंद लेना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ना है. सरकार का लक्ष्य हिमाचल के संसाधनों का लाभ प्रदेशवासियों तक पहुंचाते हुए आने वाले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश को देश के सबसे समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है. सरकार ने ई-गवर्नेंस के माध्यम से जनसेवाओं को बेहतर बनाने और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं”.
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार का उद्देश्य कांगड़ा को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना और यहां होटलों की ऑक्युपेंसी बढ़ाना है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने धर्मशाला में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजित करने का आग्रह किया था. उन्हें खुशी है कि ई-गवर्नेंस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के करीब 100 आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं. ऐसे आयोजनों से धर्मशाला और कांगड़ा की पहचान देशभर में मजबूत होगी.
उन्होंने कहा कि सरकार धर्मशाला में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. पर्यटन सीजन के दौरान होटलों की ऑक्युपेंसी को 70 से 75 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सम्मेलन और अन्य बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय कारोबारियों को अधिक अवसर मिल सकें.
20 से 30 प्रतिशत काम के बाद ही होगा शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को नई गतिविधियों से जोड़ने के लिए धर्मशाला में स्केटिंग परियोजना विकसित की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सरकार किसी भी परियोजना का शिलान्यास या उद्घाटन तभी करेगी, जब उसमें 20 से 30 प्रतिशत तक काम हो चुका होगा. केवल शिलान्यास कर पत्थर लगाने के बजाय परियोजनाओं को धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए बजट की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा.
प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए आयोग गठित
नए जिलों के गठन और प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी है. आयोग में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, निदेशक भू-अभिलेख, वरिष्ठ अधिवक्ता और सेवानिवृत्त नौकरशाह को शामिल किया गया है. आयोग जिलों, उपमंडलों, तहसीलों और ब्लॉकों के पुनर्गठन की संभावनाओं का अध्ययन करेगा. किसी नई प्रशासनिक इकाई का गठन होगा या नहीं, इसका निर्णय आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य प्रशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है.
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं. टांडा मेडिकल कॉलेज में करीब 20 वर्षों के बाद सीनियर रेजिडेंटशिप शुरू की गई है. उनके अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में संस्थान की व्यवस्थाओं में करीब 60 प्रतिशत सुधार हुआ है. हालांकि, पुरानी मशीनों को बदलने सहित अन्य सुधारों की जरूरत है. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की सीटें बढ़ाकर 320 की गई हैं. इससे चिकित्सकों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे. शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता के आकलन में 21वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2025 में पांचवें स्थान पर पहुंच गया.
धर्मशाला की खराब सड़कों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है और सड़कों की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार का चार साल का कार्यकाल 11 दिसंबर को पूरा होगा. इस अवसर पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
