गैरसैंण: विकासखंड गैरसैंण की बीडीसी बैठक लगातार टलने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों का धैर्य जवाब दे गया है. लगातार बैठकें निरस्त होने से क्षुब्ध ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आज विकासखंड कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने ब्लॉक सभागार में एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया.
बैठक में ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों पर गैरसैंण क्षेत्र की घोर अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया. इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र बीडीसी बैठक आयोजित नहीं की गई व उनकी बातों को अनसुना किया गया, तो 27 अक्टूबर से भराड़ीसैण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान वे विधानसभा का घेराव करेंगे.
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने मांग की है कि लगातार बैठकें निरस्त करने के जिम्मेदार अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाए. सात दिनों के भीतर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बैठकों के इस तरह बार-बार टलने से क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं. जनता की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक है.
ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष मनोज नेगी ने कहा कि, लगातार बीडीसी बैठकों को स्थगित करना सरकार और प्रशासन की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बैठकें आयोजित नहीं करवा रहा है. उन्हें डर है कि जनप्रतिनिधि अधिकारियों से तीखे सवाल पूछेंगे, जिससे सरकार के विकास के दावों व विभागों के कामों की पोल खुल जाएगी.
क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र आर्य ने कहा विकासखंड द्वारा हर बार जिला स्तरीय अधिकारियों के न आने का बहाना बनाया जाता है. जब रोस्टर पहले से तय होता है, तो ठीक गैरसैंण की बैठक के दिन ही जिला स्तर पर दूसरी बैठकें कैसे रख दी जाती हैं? यह गैरसैंण के जनप्रतिनिधियों और यहां की जनता की खुली अवहेलना है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.मामले को लेकर ब्लॉक प्रमुख दुर्गा रावत ने कहा बैठक में सक्षम और निर्णय लेने वाले अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है.
