लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कानून-व्यवस्था संभालने में पुलिस के मददगार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की है। अब उन्हें प्रतिमाह 3500 रुपये मानदेय दिया जाएगा। निर्णय से लगभग 70 हजार ग्राम प्रहरी लाभान्वित होंगे। अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग संजय प्रसाद ने मानदेय बढ़ाए जाने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाए जाने का निर्देश दिया था। प्रदेश के लगभग 70 हजार ग्राम प्रहरियों को अब तक प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय प्रदान किया जा रहा था, जिसमें करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
इस बढ़ोतरी से सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 84 करोड़ रुपये वित्तीय भार पड़ेगा। सरकार ने प्रांतीय रक्षा दल (पीआरडी) जवानों के दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी के बाद ग्राम प्रहरियों का मानदेय भी बढ़ाया है। इससे पहले सरकार ने होमगार्ड स्वयंसेवकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की थी। ग्रामीण क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और पुलिस के सूचनातंत्र को मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका होती है। स्थानीय थाने से जुड़कर ग्राम प्रहरी शांति-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के सहयोगी के रूप में काम करते हैं। लंबे समय से उनका मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी।
यूपी के गांवों में अब पर्यटन से कमाई का मौका
वहीं, उत्तर प्रदेश के गांवों में लोगों कब आमदनी का एक नया विकल्प मिल गया है। इसके साथ ही प्रदेश में पर्यटन अब अयोध्या-काशी, मथुरा की धार्मिक आस्था से आगे गांवों की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश के गांव पर्यटन के नए ठिकाने बन रहे हैं। गांवों में पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, खानपान और ग्रामीण जीवन से रूबरू कराने की तैयारी है। इन अनुभवों को पर्यटन से जोड़ने के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। एग्री रूरल एंड गंगे ग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के तहत प्रदेश के 234 गांव ग्रामीण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
ग्रामीण पर्यटन के लिए पूरा हुआ विकास कार्य
परियोजना के तहत अब तक 52 ग्रामीण पर्यटन गांवों का विकास पूरा हो चुका है। पर्यटकों को स्थलों की जानकारी और आवागमन में सुविधा के लिए चयनित गांवों में 1060 साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं और 1920 होम स्टे चिह्नित किए गए हैं। एनआईडीएचआई पोर्टल पर 970 होम स्टे पंजीकृत हैं और 920 संचालित हो रहे हैं। करीब 1,000 होम स्टे अभी विकास के चरण में हैं। पर्यटन विभाग के नए पोर्टल पर भी 195 होम स्टे पंजीकृत किए गए हैं। जल्द ही यूपी में ग्रामीण पर्यटन देश में अग्रणी बनेगा।
