हरिद्वार: सोमवार यानि आज हरिद्वार में कैबिनेट बैठक होने वाली है. कैबिनेट बैठक से पहले कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने प्रदेश सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं. उन्होंने लालढांग क्षेत्र में रवासन नदी पर पुल निर्माण शुरू कराने और भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने का शासनादेश जारी करने की मांग की.
कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी साल में अलग-अलग स्थानों पर कैबिनेट बैठकें कर रही है, लेकिन जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा अगर कैबिनेट की बैठक में उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वो आमरण अनशन करेंगी.
रविवार को उन्होंने हरिद्वार के अजितेश विहार स्थित अपने आवास पर भोजन माताओं के साथ बैठक की. बैठक में उनकी समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि उनकी मानदेय बढ़ाने की मांग का मुद्दा सदन में जोरशोर के साथ उठाया जाएगा.
अनुपमा रावत ने कहा लालढांग क्षेत्र में रवासन नदी पर पुल नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. नदी पार करने के दौरान कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके बावजूद पुल निर्माण का मामला लंबे समय से अटका हुआ है. उन्होंने सरकार से मांग की कि होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय लेकर पुल निर्माण का रास्ता साफ किया जाए.
इतना ही नहीं कांग्रेस विधायक ने रवासन नदी पर पुल निर्माण के मुद्दे को लेकर भाजपा के पूर्व भाजपा विधायक पर भी राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने भोजनमाताओं के मानदेय से जुड़ी मांग भी उठाई. अनुपमा रावत ने कहा भोजनमाताएं विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का काम करती हैं. सरकार को उनका मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने का जीओ जारी करना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके.
अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनावी साल में कभी खटीमा तो कभी हरिद्वार में कैबिनेट बैठक कर रही है. उन्होंने इसे आडंबर बताते हुए कहा कि केवल बैठकें करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा. सरकार को आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसले लेने चाहिए. उन्होंने दावा किया कि जनता अपना मन बना चुकी है और अब उसे बदला नहीं जा सकता.
कुंभ से पहले हरिद्वार में कैबिनेट बैठक से संतों में उत्साह, रविंद्रपुरी महाराज को याद आया प्रयागराज कुंभ: हरिद्वार में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक होने वाली है. कुंभ मेले की तैयारियों के बीच हरिद्वार में होने वाली कैबिनेट बैठक में कुंभ और अन्य कई विकास कार्यों पर चर्चा होगी. इस बैठक को लेकर साधु संतों में उत्साह है.
कुंभ मेले की तैयारियों से पहले धर्मनगरी में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक होने को संतों ने महत्वपूर्ण पहल बताया है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज ने प्रयागराज कुंभ की तैयारियों को याद किया. उन्होंने कहा कि साल 2025 में प्रयागराज कुंभ से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी वहां कैबिनेट बैठक की थी और भव्य महाकुंभ मेले का आयोजन किया था.
