देहरादून: उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी के घोषित प्रत्याशी और नैनीताल क्षेत्र के वरिष्ठ दलित नेता दिनेश आर्या का देहरादून स्थित पार्टी प्रदेश मुख्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया. आज यानी मंगलवार को दिनेश आर्या अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. वहीं, राज्यसभा चुनाव में नामांकन की तैयारियों और पार्टी की रणनीति को लेकर भी जानकारी दी गई.
कल अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे दिनेश आर्य: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी की घोषणा के बाद विधिवत नामांकन दाखिल किया जाएगा. इसके लिए मंगलवार सुबह 10 बजे पार्टी के सभी विधायकों को विधानसभा में बुलाया गया है, जिसके बाद 11 से 12 बजे के बीच प्रत्याशी दिनेश आर्य अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे.
“दिनेश आर्य बीजेपी के अत्यंत वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता हैं. वे लंबे समय तक जिलाध्यक्ष रहने के साथ-साथ संगठन के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं. शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया गया यह निर्णय कुमाऊं क्षेत्र और पूरे प्रदेश में संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा.“- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड
इसके अलावा महेंद्र भट्ट ने दलित समाज से आने वाले नेता दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाने पर कहा कि समाज के सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखते हुए पार्टी ने यह कदम उठाया है. वहीं, बीजेपी के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि राज्यसभा के लिए पार्टी प्रत्याशी की घोषणा होने के बाद कल नियमानुसार नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे.
“बीजेपी हमेशा से अपने जमीनी और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम करती रही है. दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाना इसी नीति का परिणाम है, जिससे आम कार्यकर्ताओं में निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य करने का नया उत्साह मिलेगा.“- कुंदन परिहार, बीजेपी प्रदेश महामंत्री, उत्तराखंड
नामांकन के समय के संबंध में जानकारी देते हुए कुंदन परिहार ने कहा कि प्रत्याशी के शुभ मुहूर्त के अनुसार कल सुबह लगभग 11 बजे विधानसभा में नामांकन दाखिल किया जाएगा. इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. इसके अलावा विपक्ष के आरोपों पर भी उन्होंने जवाब दिया.
“कांग्रेस पार्टी ने हमेशा दलित और वंचित समाज का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में किया है और उन्हें कभी उचित अवसर नहीं दिए. भारतीय जनता पार्टी किसी वर्ग को केवल जातिगत चश्मे से न देखकर अपने समर्पित कार्यकर्ता के सम्मान और सशक्तिकरण के रूप में देखती है.“- कुंदन परिहार, बीजेपी प्रदेश महामंत्री, उत्तराखंड
क्या बोले राज्यसभा से बीजेपी प्रत्याशी दिनेश आर्य? वहीं, राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य ने खुद को प्रत्याशी चुने जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और केंद्रीय संगठन का आभार जताया. उन्होंने कहा कि,
“मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता पर विश्वास व्यक्त कर इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना, पार्टी के उच्च आदर्शों को दर्शाता है.“- दिनेश आर्य, राज्यसभा प्रत्याशी, बीजेपी
बीजेपी को मजबूत करेगा यह निर्णय: इसके अलावा क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों से जुड़े प्रश्नों पर दिनेश आर्य ने कहा कि,
“बीजेपी समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने का काम करती है. 2027 के विधानसभा चुनावों के दृष्टिकोण से भी यह निर्णय पार्टी को मजबूती देगा.“- दिनेश आर्य, राज्यसभा प्रत्याशी, बीजेपी
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस को घेरा: वहीं, हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए दिनेश आर्य ने कहा कि,
“कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से अपना धरातल खो चुकी है और समाज में भ्रम एवं विभाजन फैलाने वाले मुद्दे उठाती है. जबकि, जनता विकास और सुशासन के नाम पर लगातार बीजेपी को अपना आशीर्वाद दे रही है.“- दिनेश आर्य, राज्यसभा प्रत्याशी, बीजेपी
दिनेश आर्य का सामाजिक-राजनीतिक सफर: बता दें कि दिनेश आर्य का सफर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से शुरू हुआ. इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता से लेकर जिला संयोजक के रूप में काम किया. इसके बाद वे बीजेपी से जुड़े और युवा मोर्चा मंत्री रहे. इसके बाद अनुसूचित मोर्चा नैनीताल के जिलाध्यक्ष, युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष से लेकर अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रहे.
इसके बाद दिनेश आर्य ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में काम किया. दिनेश आर्य नैनीताल बीजेपी जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ मोर्चे के पंजाब प्रभारी के रूप में संगठन का काम किया. वहीं, सीएम धामी ने उन्हें जनसंपर्क का जिम्मा सौंपा. अभी तक दिनेश आर्य उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद उत्तराखण्ड सरकार (दायित्वधारी) के रूप में काम कर रहे हैं.
