कानपुर के निरालानगर स्थित ब्लॉसम अपार्टमेंट में रविवार देर रात गोली मारकर आत्महत्या करने वाले सरकारी डॉक्टर (जनरल सर्जन) संदीप सिंह ने मामूली विवाद पर इतना बड़ा कदम उठाया कि हर कोई हैरान है। बताया जा रहा कि वो बाथरूम की चप्पल पहनकर कमरे में आ गए, जिस पर पत्नी कंचन ने उन्हें टोक दिया था। इसी बात पर विवाद इतना बढ़ा कि गुस्सैल स्वभाव के डॉ. संदीप ने आत्महत्या की ठान ली। कमरे में बने मंदिर के सामने करीब 15 मिनट तक बैठे रहे, इसके बाद लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने में गोली मार ली। बड़े भाई विक्रम ने बताया कि संदीप के गोली मार लेने के बाद बहू कंचन ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी।
बाथरूम की चप्पल पर हुआ था विवाद
विक्रम के मुताबिक संदीप बाथरूम की चप्पल पहनकर कमरे में चला गया था। इस पर कंचन ने मना किया तो दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। इससे नाराज संदीप दूसरे कमरे में चला गया। कुछ देर तक कमरे में बने मंदिर के सामने बैठा रहा और गोली मार ली। रिवाल्वर उठाने के दौरान कंचन ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन तब तक संदीप ने ट्रिगर दबा दिया। किदवईनगर थाने के कार्यवाहक प्रभारी नीरज द्विवेदी ने बताया कि सूचना पर जब वह लोग पहुंचे तो मंदिर के सामने खून पड़ा था। इससे स्पष्ट है कि डॉ. संदीप ने मंदिर के सामने खुद को गोली मारी है। फिलहाल कमरे को बंद करा दिया गया है।
कंचन से किया था प्रेम विवाह
परिजनों ने बताया कि संदीप ने कंचन से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों लालबंगला के परदेवनपुर स्थित घर में ही रहते थे। पिता राजबहादुर ने बताया कि दोनों छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा करते थे। कुछ दिनों बाद दोनों निरालानगर में जाकर रहने लगे। उनके बीच वहां भी छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होते थे। रविवार की देर रात भी छोटी सी बात पर विवाद हुआ।
GSVM से किया एमएस,9 साल हैलट में सेवाएं दी
चचेरे भाई ऋषभ सिंह ने बताया कि संदीप ने वर्ष 2006 में देहरादून के जॉली ग्रांट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। वर्ष 2010 में कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज से एमएस किया और करीब नौ वर्षों तक हैलट अस्पताल में सेवाएं दीं। यहां से उनका तबादला कन्नौज हो गया, जहां करीब छह वर्ष कार्यरत रहे। इसके बाद कानपुर देहात तबादला हो गया था।
दो भाइयों की पहले हो चुकी है मौत
पिता राजबहादुर सेना में सूबेदार पद से रिटायर हैं। उन्होंने बताया कि चार बेटों में संदीप के अलावा विशाल, विक्रम और राहुल थे। विशाल की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि राहुल की वर्ष 2016 में नोएडा में हिट एंड रन में जान चली गई थी। परिजनों के मुताबिक संदीप गुस्सैल स्वभाव का था। राजबहादुर ने बताया कि रविवार रात करीब 9:30 बजे बेटे संदीप ने फोन पर हालचाल लिया था। उस समय वह किसी तनाव में नहीं लगा।
गुस्सैल स्वभाव से टूटी थी पहली शादी
परिजनों के मुताबिक संदीप ने दो शादियां की हैं। पहली शादी भी उसके गुस्सैल स्वभाव के चलते नहीं चल सकी। उसकी पहली शादी वर्ष 2007 में डॉ. कीर्ति सिंह से हुई थी। दोनों का वर्ष 2018 में आपसी सहमति से तलाक हो गया था। पहली पत्नी से एक 12 साल का बेटा है। वह कीर्ति के साथ ही रहता है। वर्ष 2019 में संदीप ने कासगंज निवासी कंचन से दूसरी शादी की थी। कंचन और संदीप के दो बच्चे हैं। पुलिस इस मामले में अभी पूछताछ कर रही है।
