चंडीगढ़। पंजाब ने सितंबर 2026 में कर राजस्व के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया है। वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार सितंबर में राज्य की शुद्ध जीएसटी प्राप्ति में पिछले वर्ष की तुलना में 22.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सितंबर 2025 में शुद्ध जीएसटी प्राप्ति 1,973.12 करोड़ रुपये थी, जो सितंबर 2026 में बढ़कर 2,409.47 करोड़ रुपये हो गई। यानी 436.35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। चीमा ने बताया कि सितंबर में एसजीएसटी का नकद संग्रह 738.05 करोड़ रुपये से बढ़कर 877.82 करोड़ रुपये हो गया।
इसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो देश में सर्वाधिक है। सितंबर तक पंजाब का कुल जीएसटी संग्रह 15,405.12 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 13,112.27 करोड़ रुपये था। इस तरह कुल जीएसटी संग्रह में 17.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
वैट और सीएसटी संग्रह भी बढ़ा
सितंबर में वैट एवं सीएसटी से प्राप्त राजस्व भी 28.70 प्रतिशत बढ़ा। यह सितंबर 2025 के 577.11 करोड़ रुपये से बढ़कर 742.75 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल से सितंबर की अवधि में वैट एवं सीएसटी संग्रह 4,558.48 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 3,982.43 करोड़ रुपये था। इसमें 576.05 करोड़ रुपये यानी 14.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
चीमा के अनुसार सितंबर में पंजाब के जीएसटी राजस्व में 16 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि 14 प्रतिशत रही। एसजीएसटी नकद संग्रह में पंजाब की 19 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले राष्ट्रीय वृद्धि आठ प्रतिशत रही।
142 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए
कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई के तहत सितंबर में करीब 142 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए। विभाग ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), फर्जी बिलिंग और बिना दस्तावेज माल ढुलाई के मामलों पर कार्रवाई की। मंडी गोबिंदगढ़ की मैसर्स जगत मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में 22.53 करोड़ रुपये के संदिग्ध आइटीसी का पता चला। कार्रवाई के दौरान करदाता ने 9.50 करोड़ रुपये एसजीएसटी के रूप में जमा करवाए।
वहीं, सड़क जांच अभियान में 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लौह स्क्रैप और लौह-इस्पात उत्पाद ले जा रहे 332 वाहन पकड़े गए। इनमें अब तक 5.07 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले जा चुके हैं। विभाग के अनुसार करीब आधे मामलों में कार्रवाई अभी लंबित है
