कानपुर में करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के मुताबिक, हत्या की मास्टरमाइंड कारोबारी की बहू शालू थी. जिस समय उसके ससुर की हत्या की जा रही थी, उस वक्त शालू अपने पति सुब्रत के साथ पार्टी में डांस कर रही थी. पुलिस का दावा है कि शालू ने हत्या की पूरी प्लानिंग की और फोन पर हत्यारों को लगातार गाइड करती रही.
सोशल मीडिया पर पार्टी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. पार्टी की वीडियो में शालू अपने पति के साथ डांस करती नजर आ रही है. शालू तुम तो धोखेबाज हो, वादा करके भूल जाते हो गाने पर डांस कर रही थी. पुलिस के मुताबिक, शालू हत्या की साजिश रचकर ही पार्टी में गई थी. हालांकि, पार्टी में मौजूद किसी भी व्यक्ति को उसके व्यवहार से इस साजिश का अंदाजा नहीं हुआ.
हत्या से पहले हत्यारों को घर में छिपाया
पुलिस जांच के अनुसार, 5 सितंबर की रात शालू ने अपने पुराने नौकर विशाल को फोन करके अपार्टमेंट बुलाया. विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ वहां पहुंचा. दोनों अपने साथ गजरा लेकर आए थे. अपार्टमेंट के एंट्री गेट पर सिक्योरिटी गार्ड को विशाल ने अपना नाम शिवम बताया. विशाल ने शालू को गजरा दिया और उससे बातचीत की. इसके बाद शालू ने दोनों आरोपियों को कारोबारी विनीत के कमरे में छिपा दिया. पुलिस के मुताबिक, शालू ने इसके बाद डार्क पर्पल गाउन पहना, बालों में गजरा लगाया और पति सुब्रत व बेटे के साथ पार्टी के लिए निकल गई.
हत्या के वक्त पार्टी में डांस करती रही शालू
पार्टी का आयोजन सुब्रत ने शहर के कॉस्मोजिन लाउंज में किया था. पार्टी रात करीब 11:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन शालू और सुब्रत करीब एक घंटे पहले ही 10:30 बजे वहां पहुंच गए थे. पार्टी में करीब 20 से 25 लोग मौजूद थे. इनमें ज्यादातर कपल थे. पुलिस के मुताबिक, रात करीब 2 बजे तक पार्टी में लोग डांस करते रहे. इसी दौरान दोनों आरोपी विनीत के कमरे में उनके सोने का इंतजार कर रहे थे. योजना के मुताबिक, उन्हें तकिए से मुंह दबाकर हत्या करनी थी, ताकि मामला सामान्य मौत या हार्ट अटैक जैसा लगे.
कारोबारी ने हत्यारों को देख लिया, फिर चाकू से हमला
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी कारोबारी के कमरे में पहुंचे तो विनीत ने अचानक लाइट जला दी. उनकी नजर दोनों आरोपियों पर पड़ गई. इसके बाद दोनों ने चाकू से उन पर हमला कर दिया. हमले में विनीत की मौत हो गई. आरोपियों ने वारदात के बाद बाथरूम में जाकर हाथ-पैर धोए और वहां से फरार हो गए. इधर, शालू को फोन पर हत्या की जानकारी दी गई. इसके बाद वह अपने पति और बेटे के साथ रात करीब 3 बजे घर पहुंची.
घर पहुंचते ही रोने लगी शालू
पुलिस के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद शालू ने आसपास के लोगों को बुलाने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया और रोने लगी. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो विनीत का शव खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला हुआ था और शरीर पर चाकू से हमले के कई निशान थे. पुलिस ने अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की जांच की. फुटेज में दोनों आरोपी अपार्टमेंट के अंदर जाते और बाद में बाहर निकलते दिखाई दिए. इसके आधार पर पुलिस ने विशाल और राजकिशोर की तलाश शुरू की.
एनकाउंटर के बाद पकड़े गए दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में विशाल ने शालू के कहने पर हत्या करने की बात बताई. उसने दावा किया कि हत्या के बदले शालू ने उसे 6 लाख रुपए देने का लालच दिया था. पुलिस के अनुसार, विशाल ने बताया कि वह करीब चार साल पहले विनीत के घर काम करता था. बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया. वर्ष 2022 से वह बेरोजगार था और उस पर करीब 2 लाख रुपए का कर्ज था. इसी दौरान शालू ने उससे ससुर की हत्या करने की बात कही.
ससुर बहुत रोक-टोक करते थे, शालू ने बताई वजह
पूछताछ में विशाल ने पुलिस को बताया कि करीब 20 दिन पहले वह काम के सिलसिले में सुब्रत के घर गया था. इस दौरान शालू ने उससे कहा कि वह अपने ससुर की रोक-टोक से परेशान है. उसने बताया कि घर में CCTV कैमरे लगाकर उस पर नजर रखी जाती है. उसे जरूरत के हिसाब से ही पैसे दिए जाते हैं. पुलिस का दावा है कि शालू ने पहले विनीत का एक्सीडेंट कराने की बात कही थी. विशाल इसके लिए तैयार नहीं हुआ तो सोते समय तकिए से मुंह दबाकर हत्या करने का सुझाव दिया गया. इसके बदले 6 लाख रुपए और दोबारा नौकरी देने का लालच दिया गया. विशाल ने अपने दोस्त राजकिशोर को भी 30 हजार रुपए देने का लालच देकर साजिश में शामिल कर लिया.
पुलिस ने शालू को भी किया गिरफ्तार
विशाल के बयान के बाद पुलिस ने शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में शालू ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के बयानों की जांच कर रही है.
दवा के थोक कारोबारी थे विनीत
विनीत मिनोचा रतन आर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर C-104 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे. वह बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से दवाओं की थोक फर्म चलाते थे. पुलिस के अनुसार, वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे और फर्म का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपए था. परिवार में उनकी पत्नी पुनीता, बेटा सुब्रत, बहू शालू और 6 साल का पोता श्रीजय हैं. पुनीता मैरिज काउंसलर हैं.
