कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचे। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर उन्होंने गीता स्थली ज्योतिसर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने वहां बने वीटा बूथ पर पहुंचकर बूथ संचालक से बातचीत की और वीटा उत्पादों का जायका भी लिया।
ज्योतिसर में ग्रामीणों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बच्चे को गोद में भी उठाया। उन्होंने महाभारत अनुभव केंद्र का दौरा भी किया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि विश्व का कोई भी नागरिक यदि महाभारत की कथा को आधुनिक तकनीक के जरिए अपने सामने जीवंत देखना चाहता है तो वो कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र में आए।
पीएम मोदी ने इस महाभारत अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया था। महाभारत और भगवद्गीता की समृद्ध विरासत को समर्पित यह केंद्र हरियाणा के साथ-साथ देश के प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र का उद्देश्य महाभारत की महाकाव्य कथा और भगवद्गीता की कालजयी शिक्षाओं को पारंपरिक कहानी कहने और आधुनिक तकनीक के मेल से लोगों तक पहुंचाना है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क हैं।
किसानों की धान की पूरी खरीद की जाएगी। किसानों को फसल खरीद के सीजन में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
ज्योतिसर तीर्थ पर टेका माथा
इससे पहले जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने ज्योतिसर तीर्थ पर माथा टेका, विधि पूर्वक पूजा अर्चना करके प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण व राधा बने बच्चों को प्यार दिया और एक बच्चे को गोद में भी उठाया।
ज्योतिसर के बाद मुख्यमंत्री गीता ज्ञान संस्थानम् परिसर स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान कान्हा को झूला भी झुलाया। यहां पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सैनी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
ये है महाभारत अनुभव केंद्र में
महाभारत अनुभव केंद्र लगभग 17 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें एक लाख वर्ग फुट से अधिक इनडोर स्थान है। यहां महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत बनाने के लिए आगमेंटेड रियलिटी (एआर), यूवी लेजर तकनीक, प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक प्रस्तुतियों और इमर्सिव विजुअल एक्सपीरियंस जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
केंद्र की इमर्सिव गैलरियों में महाभारत की महत्वपूर्ण घटनाओं, पात्रों और दार्शनिक विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पारंपरिक कथा और आधुनिक तकनीक का यह मेल आगंतुकों को महाभारत की कथा को एक व्यापक और अनुभवात्मक तरीके से समझने का अवसर देता है। इसकी गैलरियां तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
