लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के IPS अधिकारी अशोक कुमार सिंह को प्रमोशन देकर DG बनाया गया है। राज्यपाल द्वारा इनका DG पद पर प्रोन्नत किया गया। केंद्र की कैबिनेट नियुक्ति समिति ने जून 2026 में इन्हें DG पैनल में शामिल किया था, जिसके बाद यूपी सरकार ने DG पद पर प्रमोशन दिया है।
मूलतः बिहार राज्य के कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड के सोनहन थाना क्षेत्र के इटाढ़ी गांव के रहने वाले हैं। पिता का नाम स्व. सीताराम सिंह था। प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से, फिर सैनिक स्कूल तिलैया हजारीबाग (झारखंड) से इंटर और दिल्ली के रामजस कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया।
यूपी में कई जिलों में SSP-SP, जोन में IG-ADG के पद पर कार्यरत रहे। 2019 में IG से ADG बने। उसके बाद डायल-112 के ADG रहे। बाद में DG भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई। DG पद के लिए कम से कम 30 साल की सेवा और बेदाग रिकॉर्ड जरूरी होता है, जो इनके द्वारा पूरा किया गया। केंद्र सरकार में 2012 से 2019 तक 7 वर्षों तक सेवा दी है। इस दौरान SSB में DIG ऑपरेशन, इंटेलिजेंस और SSB फ्रंटियर हेडक्वार्टर पटना में IG के पद पर भी कार्यरत रहे हैं।
6 जुलाई 2011 को मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र के असालतपुरा बघा गांव में भड़की हिंसा के दौरान पुलिस चौकी पर हमले में ड्यूटी निभाते हुए बुरी तरह घायल हो गए थे। कठिन परिस्थितियों में भी उनके नेतृत्व और साहस की व्यापक सराहना हुई थी। कैमूर के लोगों का मानना है कि गांव की मिट्टी से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले अशोक कुमार सिंह युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है।
