पंचकूला। हरियाणा में जमीन इंतकाल के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने वाले लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य सरकार राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू करने जा रही है।
नई व्यवस्था में पंजीकरण के बाद इंतकाल की प्रक्रिया को अलग-अलग अधिकारियों के स्तर पर तय समय-सीमा में पूरा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर मामला अपने आप अगले अधिकारी के लॉगिन में पहुंचता जाएगा और अंततः 11वें दिन इंतकाल स्वतः जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा।
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना है।
तकनीक के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निगरानी योग्य बनाया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण के बाद इंतकाल पहले चार दिन तक पटवारी के लॉगिन में रहेगा। इस अवधि में पटवारी को आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
यदि पांचवें दिन तक पटवारी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है तो इंतकाल स्वतः कानूनगो के लॉगिन में चला जाएगा। कानूनगो को कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मिलेगा। सातवें दिन तक मामला आगे बढ़कर सीआरओ के लागिन में पहुंच जाएगा।
सीआरओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन दिए जाएंगे। यदि निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो 11वें दिन इंतकाल स्वतः जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा। इस व्यवस्था से किसी एक अधिकारी के स्तर पर फाइल को लंबे समय तक लंबित रखने की गुंजाइश कम होगी और प्रत्येक स्तर पर कार्रवाई की समय-सीमा तय रहेगी।
लंबित इंतकाल की ऑनलाइन शिकायत, 10 दिन में कार्रवाई
सरकार लंबित इंतकाल से संबंधित शिकायतों के लिए विशेष ऑनलाइन पेज/पोर्टल भी शुरू करेगी। नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ संबंधित दस्तावेज भी आनलाइन अपलोड कर सकेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को 10 दिनों के भीतर कार्रवाई करनी होगी। यदि नियमों के अनुसार इंतकाल किया जा सकता है तो नागरिक को उसकी प्रति उपलब्ध करवाई जाएगी।
वहीं, यदि इंतकाल किसी कारण से नहीं किया जा सकता तो संबंधित सीआरओ को स्पीकिंग आर्डर जारी करना होगा। इस आदेश में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि इंतकाल क्यों नहीं किया जा सकता, किस नियम या कारण के आधार पर मामला स्वीकार नहीं हुआ और जरूरत पड़ने पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
जमाबंदी और रजिस्ट्री भी डिजिटल करने पर जोर
सरकार अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं घर बैठे अथवा नजदीकी सीएससी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। जमाबंदी, इंतकाल, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री और अन्य राजस्व रिकार्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने, छोटी-मोटी त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया आसान बनाने और तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
