उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों को स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे समय तो बर्बाद होता ही है, इसका असर आंखों की रोशनी और सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ता है। योगी आदित्यनाथ ने पांच कालिदास मार्ग पर स्थित अपने आधिकारिक आवास पर रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित ‘स्नेह बंधन’ कार्यक्रम में छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि बच्चों को स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय बिताने के बजाय अच्छी और प्रेरणादायी किताबें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।
सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से जुड़े एक छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जीवन में आगे बढ़ना है तो अच्छी सोच पैदा करनी पड़ेगी। तकनीक आज के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी भी एक सीमा और आवश्यकता होती है।’ उन्होंने कहा, ‘स्मार्टफोन हमारी आज की पीढ़ी के लिए चुनौती है। जब हमारी निर्भरता किसी ऐसी वस्तु पर हो जाती है जो हमारी सोचने की क्षमता को प्रभावित करे, तो उससे दूरी बनानी चाहिए।’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग पहाड़े और गिनती याद रखते थे, लेकिन ‘कैलकुलेटर’ पर निर्भरता बढ़ने के साथ याददाश्त पर भी असर पड़ा, इसी तरह अब हर काम के लिए स्मार्टफोन पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।
आंखों की रोशनी पर असर डालता है स्मार्टफोन
सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सामग्री और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन उपयोगी हो सकता है, लेकिन फोन पर उपलब्ध हर सामग्री बच्चों के लिए लाभदायक नहीं होती। उन्होंने कहा कि इसका अधिक इस्तेमाल सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है और आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को सलाह दी कि जो लोग रोजाना चार से छह घंटे फोन पर बिताते हैं, वे धीरे-धीरे इस समय को कम करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अच्छी और खराब, दोनों तरह की सामग्री उपलब्ध है, इसलिए बच्चों को ऐसी सामग्री से ही जुड़ना चाहिए जो उनकी पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने में उपयोगी हो। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने योगी आदित्यनाथ को राखी बांधी जिसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्राओं को उपहार दिए।
यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हुई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटी किसी से कम नहीं है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या महज करीब 10 हजार थी। आज यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने वाला है। इसका परिणाम है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सीधा संबंध प्रदेश के विकास से है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़कर प्रदेश और देश को आगे ले जाने में योगदान दे रही हैं। यह बदलाव केवल योजनाओं का परिणाम नहीं, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन इसी परिवर्तन की महत्वपूर्ण तस्वीर है।
