शिमला। विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं पर नियम-130 के तहत चल रही चर्चा बुधवार को अचानक राजनीतिक टकराव में बदल गई। कांग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू की विपक्ष पर स्वतंत्रता में योगदान के संबंध में की गई टिप्पणी को लेकर सदन में माहौल गरमा गया और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आमने-सामने आ गए।
मामला इतना बढ़ा कि स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चा के बीच आजादी के आंदोलन, जनसंघ और राजनीतिक संघर्ष की विरासत तक बात पहुंच गई। चर्चा के दौरान सुदर्शन बबलू ने कहा आजादी का विरोध किया इस टिप्पणी पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बबलू पहली बार सदन में आए हैं और उन्हें संबोधित करते हुए उनके नाम को लेकर भी टिप्पणी की। जयराम ने कहा कि उन्हें बबलू नहीं सुदर्शन कहकर संबोधित किया जाए।
विधायक की शान पर टिप्पणी नहीं होनी चाहिए
मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप किया और सुदर्शन बबलू का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी है, इसलिए ही विपक्ष को दर्द हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बबलू बड़ा नाम है और विधायक की शान पर टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आजादी के आंदोलन के संदर्भ में कहा कि उस समय भाजपा अस्तित्व में नहीं थी, बल्कि जनसंघ था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में न जयराम ठाकुर पैदा हुए थे और न वह स्वयं। सुक्खू ने कहा कि बबलू ने इतिहास पढ़कर बात रखी है, जबकि विपक्ष पर इतिहास बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के संघर्ष की बात करते हुए यह भी देखना होगा कि उस दौर में किसने संघर्ष किया। उन्होंने विपक्ष की ओर संकेत करते हुए कहा कि आप लोगों ने संघर्ष नहीं किया, हमने किया है।
