शिमला। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर, आयुष्मान भारत और सहारा योजना बंद नहीं होगी। इनमें जो कमियां हैं, उन्हें दूर कर सुधार किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक करने के साथ जो कमियां हैं उन्हें दूर कर हजारों पदों को भरा जा रहा है।
ये बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बुधवार को विधानसभा में नियम-130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर आठ घंटे तक तीन दिनों से चली आ रही चर्चा के उत्तर में कही। इस चर्चा में पक्ष और विपक्ष की तरफ से 30 सदस्यों ने भाग लिया।
सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष ने मेज थपथपा शांडिल के जवाब की सराहना की।जयराम ठाकुर ने धनीराम शांडिल की सराहना करते हुए कहा कि तीन दिनों तक ए-एक सदस्य की बात को उन्होंने सुना बाकी चाहे कोई मौजूद रहा या नहीं।
शिक्षा विभाग के 6365 स्वीकृत पदों में 4661 भरे जा चुके
धनीराम शांडिल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उपचार उपलब्ध करवाना है। इसके लिए अस्पतालों के भवनों से लेकर अत्याधुनिक मशीनरी और मानव संसाधन तक पर बड़े पैमाने पर काम चल रहा है।चिकित्सा शिक्षा विभाग के 6,365 स्वीकृत पदों में 4,661 भरे जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के 1,938 पदों में 1,266 भरे हैं और 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। एनएचएम के 6,088 स्वीकृत पदों में 4,115 कार्यरत हैं। आप्थेल्मिक आफिसर, ओटीए के 158 और फिजियोथेरेपिस्ट के छह पद भरने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।
उन्हाेंने माना कि कुछ स्थानों पर स्टाफ की कमी और दवाओं की कमी हो सकती है जिसे दूर किया जाएगा। आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों की सितंबर में एक और सूची जारी होगी।121 के करीब आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाने की योजना है।
34 स्वास्थ्य संस्थानों में पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन की सुविधा
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत एचपीएमएससीएल के माध्यम से 10.71 करोड़ रुपये की लागत से 37 एक्स-रे और 24 अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 34 स्वास्थ्य संस्थानों में पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन सुविधा दी जा रही है।
नेरचौक, हमीरपुर और टांडा में कैथ लैब स्थापित की जा रही हैं। चमियाणा और टांडा में डीएसए सिस्टम की खरीद प्रक्रिया जारी है।आइजीएमसी, टांडा, हमीरपुर और मंडी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
डायलिसिस के क्षेत्र में 29 में से 25 स्थानों पर 128 मशीनें संचालित हैं, जबकि 49 नए केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में 18 डे-केयर कैंसर सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।दवाओं की उपलब्धता के लिए माध्यमिक अस्पतालों में 571, पीएचसी में 170 और उपकेंद्रों में 91 आवश्यक दवाएं निश्शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
15वें वित्त आयोग से 112.56 करोड़ आवंटित
उन्होंने बताया कि 2025-26 में स्वास्थ्य भवनों के निर्माण व आधुनिकीकरण के लिए राज्य बजट से 137.15 करोड़ रुपये और 15वें वित्त आयोग से 80.24 करोड़ रुपये, यानी कुल 217.39 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं 2026-27 में 15वें वित्त आयोग से 112.56 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
वर्ष 2022 से 2026 के बीच 63 नए स्वास्थ्य भवन पूरे हो चुके हैं, 33 अंतिम चरण में हैं और 54 का निर्माण जारी है। 139 नए भवनों के लिए नक्शा व प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है
