शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार अब विधानसभा मानसून सत्र के बाद होगा। कांग्रेस नेताओं के दिल्ली दौरे के बाद राजनीतिक समीकरण काफी ज्यादा बदले हैं। कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी घोषित कर चुकी राज्य सरकार अब मंत्रिमंडल विस्तार में कांगड़ा कार्ड खेल सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू कुल्लू से विधायक सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाने की बात कर चुके हैं।
सरकार व संगठन में अब जो भी नियुक्तियां होंगी, वह 2027 के विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए की जाएंगी। क्षेत्रीय व जातीय समीकरण को आधार बनाया जाएगा।
किस वर्ग से कितने मंत्री
मंत्रिमंडल की वर्तमान स्थिति देखे तो वर्गवार देखे तो राजपूत (क्षत्रिय) वर्ग से मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सहित 5 मंत्री, ब्राह्मण वर्ग से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित 2 मंत्री, अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से 2 मंत्री, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से 1 मंत्री व अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से 1 मंत्री हैं।
कांगड़ा से कौन होगा मंत्री
कांगड़ा जिला में विधानसभा की 15 सीटें है। अभी यहां से दो मंत्री हैं, इसमें एक ओबीसी वर्ग व दूसरे एससी वर्ग से संबंध रखते हैं। सूत्रों के मुताबिक कांगड़ा को यदि मंत्रिपद मिला तो एससी या फिर ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेला जा सकता है।
मंत्रिमंडल का क्या है क्षेत्रीय समीकरण
सुक्खू मंत्रिमंडल में वर्तमान में 11 सदस्य हैं। इनमें शिमला संसदीय क्षेत्र से पांच मंत्री हैं, जबकि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सहित तीन हैं। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से दो मंत्री हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र से सबसे ज्यादा पांच मंत्री है। मंडी संसदीय क्षेत्र से जगत सिंह नेगी अकेले मंत्री है। मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और चंबा जैसे जिलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। चंबा से विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।
विधानसभा उपाध्यक्ष का पद को लेकर चर्चा
मंत्रिमंडल में नए चेहरे के शामिल होने के साथ विधानसभा उपाध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चा है। विधानसभा का शीतकालीन व बजट सत्र बिना उपाध्यक्ष के ही हुआ है। अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में सरकार नई नियुक्तियों को ज्यादा समय तक नहीं लटकाएगी। ऐसे में इस पद को लेकर भी चर्चा तेज है।
