आगरा। शहर से 21 जुलाई 2021 को ट्रांस यमुना स्थित विद्या नर्सिंग होम के संचालक डॉ. उमाकांत गुप्ता का अपहरण कर लिया गया था। डॉक्टर को एक युवती ने हनी ट्रैप में फंसाने के बाद साथियों की मदद से अगवा किया था। बदमाशों ने पांच करोड़ की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक को सकुशल मुक्त कराने के बाद मुठभेड़ में दो बदमाशों को ढेर कर दिया था।
तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता, सविलांस प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी प्रशांत चौहान और आदेश त्रिपाठी को पुलिस मेडल फार गैलेंट्री मिला है। स्वतंत्रता दिवस पर भारत सरकार की ओर से उक्त मेडल की घोषणा की गयी है।
जगनेर थाना क्षेत्र में कछपुरा के जंगलों में दस्यु केशव गुर्जर के बदमाशों बदन सिंह और अक्षय को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। बदन सिंह पर उस समय एक लाख रुपये का इनाम था। डीजीपी राजीव कृष्ण उस समय एडीजी आगरा जोन थे।
नर्सिंग होम संचालक को मंगला उर्फ अंजली नाम की युवती ने अपने जाल में फंसा मिलने के लिए भगवान टाकीज पर बुलाया था। डॉ. उमाकांत गुप्ता के वहां पहुंचने पर बदमाशों ने उन्हें दबोच लिया था। गाड़ी में डालकर धौलपुर ले गए थे। डाक्टर काे मुक्त कराने मे पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया था।
जगनेर के जंगल में घेराबदी करने पर तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता पर बदमाशों ने गोलियां चलाईं थीं। साहसिक मुठभेड़ के लिए पुलिस टीम को गैलेंट्री पुरस्कार मिला है। आईपीएस मुनिराज जी वर्तमान में डीआईजी मुरादाबाद रेंज हैं।
सत्यजीत गुप्ता कानपुर कमिश्नरेट में डीसीपी पूर्वी हैं। इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह वर्तमान में एडीजी आगरा जोन कार्यालय में तैनात हैं। मुख्य आरक्षी प्रशांत चौहान एसटीएफ आगरा यूनिट और मुख्य आरक्षी आदेश त्रिपाठी गाजियाबाद में तैनात हैं।
