चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस दिन सत्र बुलाने पर सहमति बनी है। हालांकि, सत्र कितने दिन चलेगा, इसका अंतिम फैसला विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में होगा। मौजूदा परिस्थितियों में सत्र के तीन दिन चलने की संभावना है। छोटा होने के बावजूद सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।
27 अगस्त को बृहस्पतिवार है, जबकि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के कारण अवकाश रहेगा। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को शनिवार-रविवार का अवकाश है। ऐसे में 31 अगस्त और एक सितंबर को ही सदन की बैठकें होने की संभावना है। सरकार छोटे सत्र में करीब आधा दर्जन विधेयक पारित कराने की तैयारी में है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधानसभा में काम रोको और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की रणनीति तैयार की जा चुकी है। कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, सरकारी भर्तियों में कथित भेदभाव और हरियाणा से बाहर के युवाओं की नियुक्तियों जैसे मुद्दों पर कांग्रेस राज्य की नायब सरकार को घेर सकती है।
19 अगस्त को पंचकूला में हरियाणा कौशल रोजगार निगम को बंद करने की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रस्तावित राज्यस्तरीय धरने का मुद्दा भी सदन में उठ सकता है। धरने में प्रदेश प्रभारी संजय दत्त, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित विधायक और सांसद शामिल होंगे।
बहुमत के भरोसे भाजपा, अध्यक्ष की विधायकों से अपील
सदन में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी प्राप्त है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर चुके पांच विधायक भी फिलहाल भाजपा के साथ हैं। ऐसे में संख्याबल के लिहाज से सरकार मजबूत स्थिति में है।
हालांकि, विपक्ष के तीखे तेवरों को देखते हुए सदन में राजनीतिक टकराव की संभावना बनी हुई है। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने विधायकों से शालीन और अनुशासित तरीके से जनता के मुद्दे उठाने का आग्रह किया है।
