बुनियादी अवसंरचना और रोलिंग स्टॉक में सकल बजटीय समर्थन से अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर निर्भरता में कमी
गोरखपुर 07 अगस्त 2026 : भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) भारतीय रेलवे (आईआर) की समर्पित बाजार ऋण लेने वाली समर्पित संगठन है। इसका प्राथमिक व्यवसाय रोलिंग स्टॉक परिसंपत्तियों, रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का वित्तपोषण और उन्हें रेलवे को पट्टे पर देना है। इसके अलावा, आईआरएफसी के पास अन्य संस्थाओं को ऋण देने का अधिकार है, जिनके पास रेलवे के लिए विद्युत उत्पादन और पारेषण, खनन, र्इंधन, कोयला, वेयरहाउसिंग, दूरसंचार, होटल और खानपान सेवा आदि फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज हैं।
सरकार ने हाल के वर्षों के दौरान सकल बजटीय सहायता से रेलवे को पर्याप्त सहायता प्रदान की है, जिसका उपयोग अवसंरचना परियोजनाओं और चल स्टॉक के लिए किया गया है। इन्हें पहले अतिरिक्त बजटीय संसाधनों के माध्यम से वित्तपोषित किया जाता था।
भारतीय रेल द्वारा पिछले 5 वर्षों के दौरान आईआरएफसी और वित्त मंत्रालय को पट्टे शुल्क के मूलधन पुनर्भुगतान और ब्याज के भुगतान का विवरण – वित्त वर्ष 2021-22 में मूलधन पुनर्भुगतान रु. 14,192 करोड़ तथा ब्याज भुगतान रु. 14,510 करोड़ कुल रु. 28,702, वित्त वर्ष 2022-23 में मूलधन पुनर्भुगतान रु. 16,922 करोड़ तथा ब्याज भुगतान रु. 17,267 करोड़ कुल रु. 34,189 , वित्त वर्ष 2023-24 में मूलधन पुनर्भुगतान रु. 20,084 करोड़ तथा ब्याज भुगतान रु. 17,946 करोड़ कुल रु. 38,030 , वित्त वर्ष 2024-25 में मूलधन पुनर्भुगतान रु. 23,938 करोड़ तथा ब्याज भुगतान रु. 21,630 करोड़ कुल रु. 45,568 तथा वित्त वर्ष 2025-26 में मूलधन पुनर्भुगतान रु. 24,853 करोड़ तथा ब्याज भुगतान रु. 21,685 करोड़ कुल रु. 46,538 इस प्रकार है।
कोविड महामारी के बावजूद पिछले कुछ वर्षों में ऋण सेवा स्थिर रखी गई है।
