स्वतंत्रता दिवस-2026 से पहले हरियाणा पुलिस ने पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक स्तर पर ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती, स्नैचिंग, अपहरण, संगठित अपराध और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ राज्यभर में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य केवल फरार अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर प्रदेश में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही हरियाणा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 1 अगस्त से 3 अगस्त 2026 के बीच प्रदेशभर में कुल 903 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 139 आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती, स्नैचिंग, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में शामिल पाए गए, जबकि शेष आरोपी विभिन्न मामलों में वांछित या फरार थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम अवधि में हुई यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ सरकार और पुलिस की सख्त नीति को दर्शाती है।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 103 गंभीर आपराधिक मामलों में निर्णायक कार्रवाई की। इनमें सबसे अधिक 43 मामले आर्म्स एक्ट के रहे, जो अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की गंभीरता को दिखाते हैं। इसके अलावा 19 हत्या के प्रयास, 16 हत्या, 7 लूट, 4 फिरौती, 3 डकैती, 6 स्नैचिंग और 3 अपहरण के मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का मानना है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों का मनोबल टूटेगा और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि ऑपरेशन ट्रैकडाउन केवल नियमित अभियान नहीं बल्कि अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व से पहले प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हत्या, लूट, डकैती, फिरौती, अपहरण, स्नैचिंग और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में शामिल किसी भी अपराधी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों, अपराध शाखाओं, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और अन्य विशेष इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि फरार, वांछित और आदतन अपराधियों की पहचान कर लगातार कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सूचना आधारित कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने केवल गिरफ्तारियां ही नहीं कीं बल्कि 13 नए आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली, जबकि 81 पुराने हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट अपडेट की गई। पुलिस का कहना है कि इससे ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और भविष्य में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी। जिला पुलिस, अपराध शाखा, एसटीएफ और अन्य विशेष इकाइयों ने संयुक्त रूप से प्रदेशभर में लगातार छापेमारी की। फरार अपराधियों की तलाश, अवैध हथियारों की बरामदगी, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोहों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। विशेष नाकाबंदी, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का अवसर न मिले। हरियाणा पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन ट्रैकडाउन अपराधियों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि अब प्रदेश में कानून से बच निकलना आसान नहीं होगा। तकनीक, खुफिया जानकारी और तेज कार्रवाई के दम पर पुलिस ऐसे अपराधियों तक भी पहुंच रही है जो लंबे समय से फरार थे या संगठित अपराध को बढ़ावा दे रहे थे। लगातार चल रहे इस अभियान से प्रदेश में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
