चंडीगढ़। वर्ष 2010 से पहले भर्ती शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी पड़ेगी। कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी व जय प्रकाश के सवाल पर लोकसभा में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा शिक्षक बनने की न्यूनतम अनिवार्य योग्यता है।
इससे छूट देने या पुरानी नियुक्तियों के लिए अलग व्यवस्था का कोई प्रस्ताव नहीं है। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लिखित उत्तर में कहा कि शिक्षक भर्ती और सेवा शर्तें राज्यों के अधिकार क्षेत्र का विषय हैं, पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आने वाले स्कूलों में पात्रता परीक्षा न्यूनतम अनिवार्य योग्यता घोषित किया जा चुका है।
यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों से भी पुष्ट हो चुकी है। अब जिन शिक्षकों को पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी है, उन्हें 31 अगस्त 2028 तक इस योग्यता को हासिल करने का अवसर मिलेगा।
केंद्र ने सदन को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और संबंधित परीक्षा प्राधिकरणों को सलाह दी है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमित आयोजित की जाए और संभव हो तो हर वर्ष दो बार परीक्षा कराई जाए।
