
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात कर राज्य की कानून व्यवस्था, पेपर लीक मामलों और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने किया, जबकि उनके साथ वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। पार्टी ने राज्य में बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। अकाली दल ने राज्यपाल के सामने बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं, जिससे कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि केवल संबंधित डीएसपी को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2022 से 2026 के बीच पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की सूची भी राज्यपाल को सौंपी। अकाली दल का आरोप है कि सरकार इन मामलों में वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश कर रही है, जबकि कई मामलों की सुनवाई पहले से ही हाईकोर्ट में चल रही है। पार्टी ने कहा कि सरकार बार-बार यह दावा कर रही है कि उसके कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन उपलब्ध तथ्य इस दावे से मेल नहीं खाते। सुखबीर बादल ने कहा कि युवाओं का भविष्य लगातार दांव पर लगाया जा रहा है और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
अकाली दल ने यह आरोप भी लगाया कि पंजाब में सरकारी भर्तियों के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जा रही हैं, जिससे प्रदेश के युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनानी चाहिए और स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा करनी चाहिए। सुखबीर सिंह बादल ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि किसी मुद्दे पर बार-बार सफाई देने या दावे करने से सच्चाई नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के मामलों में सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। अकाली दल ने राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
