शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के अचानक दिल्ली दौरे से राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री गुरुवार दोपहर बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सीएम अगले तीन-चार दिनों तक शिमला सचिवालय में जनता के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने प्रदेश के आम नागरिकों से अपील की है कि वे मुलाकात के लिए इस दौरान शिमला सचिवालय न आएं।
शीर्ष नेतृत्व से बैठक
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व (हाईकमान) के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में प्रदेश में खाली पड़े कैबिनेट मंत्री के पद को भरने, संभावित कैबिनेट विस्तार और कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
विधानसभा उपाध्यक्ष पर भी मंथन
इसके अतिरिक्त लंबे समय से रिक्त चल रहे विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर भी किसी नाम को अंतिम रूप दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि आगामी मानसून सत्र से पहले संगठन और सरकार में ये बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सुंदर सिंह ठाकुर की दावेदारी सबसे मजबूत
कैबिनेट में वर्तमान में खाली पड़े एक मंत्री पद के लिए कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का नाम सबसे आगे चल रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू पूर्व में भी सार्वजनिक मंचों से संकेत दे चुके हैं कि सुंदर सिंह ठाकुर को जल्द मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। ऐसे में उनके समर्थकों में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह है।
दिल्ली से सीधे चंबा जाएंगे सीएम, मिंजर मेले में होंगे शामिल
दिल्ली दौरे का समापन कर मुख्यमंत्री सीधे चंबा का रुख करेंगे। चंबा में उनके एक से दो दिन प्रवास का कार्यक्रम है, जहां वे ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध मिंजर मेले के विभिन्न आयोजनों में शिरकत कर सकते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री के दो या तीन अगस्त को शिमला लौटने की संभावना है।
