स्कूल में शिक्षक और बच्चों के बीच बेहतर संवाद के साथ शिक्षा का अनुकूल माहौल सबसे अधिक आवश्यक माना जाता है. हालांकि, वाराणसी के पांडेपुर क्षेत्र में नर्सरी के एक बच्चे के साथ शिक्षिका ने ऐसा बर्ताव किया, जिसने हैवानियत की भी सारी सीमाएं पार कर दीं. नर्सरी के बच्चे ने बाथरूम जाने की अनुमति न मिलने पर अपनी पैंट में ही टॉयलेट कर दिया, जिसके बाद गुस्से में आकर शिक्षिका ने चाकू को आग से लाल करके बच्चे का प्राइवेट पार्ट ही जला दिया.
जानकारी के अनुसार, वाराणसी के पांडेपुर क्षेत्र स्थित एक निजी विद्यालय में केसरी कुमार का बेटा नर्सरी में पढ़ता है. बच्चे को जब टॉयलेट जाना था तो उसने अपनी शिक्षिका प्रीति कुशवाहा से बाथरूम जाने की अनुमति मांगी. मना करने पर बच्चे ने पैंट में ही टॉयलेट कर दिया.
इसके बाद टीचर गुस्से में बच्चे को दूसरे कमरे में ले गई और चाकू को गर्म करके बच्चे का प्राइवेट पार्ट जला दिया. इसके बाद भी वह नहीं रुकी और बच्चे की पिटाई कर दी. उस मासूम को इस बात के लिए भी शिक्षिका द्वारा धमकाया गया कि दोबारा ऐसी गलती न करे.
बच्चे ने बताई कहानी
घर पहुंचकर जब बच्चे ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, तो वे अवाक रह गए. इस मामले में पिता ने स्कूल से संपर्क कर ऐसा करने की वजह पूछी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर माता-पिता बेहद चिंतित हो गए.
इसके बाद उन्होंने निकटतम थाने में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने संज्ञान लेते हुए शिक्षिका प्रीति कुशवाहा, स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 118(1) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
