शिमला। कांगड़ा जिला की बोह घाटी में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला से ही मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने बुधवार को कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा और आपदा प्रभावित परिवारों से दूरभाष पर बातचीत कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को बचाव एवं राहत कार्यों में तेजी लाने और सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग द्वारा राज्य में भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने आम जनता और विशेष रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अत्यंत सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है।
खुद कांगड़ा जाकर स्थिति देखेंगे मुख्यमंत्री
आपदा प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शीघ्र ही बोह घाटी का दौरा कर स्वयं नुकसान का आकलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों के मकान इस प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से पुनर्वास के लिए पूर्ण आर्थिक व प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रभावित क्षेत्र में डटे उपायुक्त
घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा स्वयं मौके पर पहुंचे और बचाव व पुनर्वास कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जिला प्रशासन प्रभावितों की सुरक्षा, भोजन, और अस्थायी आश्रय के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्र में बाधित हुई बिजली, पानी व सड़कों जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली का काम भी जारी है।
