लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिली है, जिनके पति-पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने ऐसे शिक्षकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पांच अगस्त तक आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर देने का निर्णय लिया है।
शासन ने महानिदेशक, स्कूल शिक्षा को निर्देश दिए हैं कि बढ़ी हुई समयसीमा की जानकारी विभागीय पोर्टल पर प्रकाशित कराई जाए और सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से संबंधित शिक्षकों तक पहुंचाई जाए।
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किया है। इसमें चार जून के शासनादेश का संदर्भ देते हुए बताया गया है कि उसमें यह व्यवस्था की गई थी कि यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हैं और उनमें से किसी एक ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है, तो शिक्षक-छात्र अनुपात कम वाले जिले में दोनों में से किसी एक का स्थानांतरण किया जा सकेगा।
बाद में 22 जून को जारी स्पष्टीकरण में शासन ने स्पष्ट किया था कि यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो जिस शिक्षक या शिक्षिका ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया होगा, केवल उसी के अनुरोध पर विचार किया जाएगा।
आवेदन न करने वाले पति या पत्नी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इसी व्यवस्था को चुनौती देते हुए ज्योति कुशवाहा व चार अन्य की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल रिट पर 20 जुलाई को पारित आदेश के अनुपालन में शासन ने यह निर्णय लिया है।
