बांदा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 58 बंधुआ श्रमिकों को हरियाणा के हिसार जिले के एक ईंट-भट्ठे से मुक्त कराया गया है। इनमें बांदा के 28, चित्रकूट के छह और मध्य प्रदेश के जिले पन्ना के 24 श्रमिक हैं, जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। असंगठित मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दल सिंगार ने बताया कि सितंबर 2025 में एक युवक कुछ धनराशि देकर इन मजदूरों को 650 रुपये प्रति हजार ईंट बनाने के लालच में ट्रक से हिसार ले गया था।
भट्ठा मालिक ने आठ माह तक काम कराने के बाद मजदूरी नहीं दी। नौ जून से मजदूरों को भट्ठे पर ही बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरी मांगने पर धमकाया गया और मजदूरों के साथ मारपीट तक की गई। आरोप है कि वहां के प्रशासन ने छुड़वाने में मदद की, लेकिन आधी-अधूरी मजदूरी दिलाकर बिना बयान लिए और बिना मुक्ति प्रमाण पत्र दिए ही मजदूरों को भेज दिया।
वहां से सभी ट्रक को किराए पर लेकर शनिवार शाम यहां आए हैं। उप श्रमायुक्त एसके अग्रहरि ने बताया कि यदि मुक्त प्रमाण पत्र होगा तो नियमानुसार तत्कालीन सहायता दी जाएगी।
