उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर के एक स्थानीय होटल में प्रतिष्ठित न्यूज़ 18 समूह द्वारा आयोजित ‘राइजिंग सिटी’ महामंच पर शिरकत की। इस उच्च स्तरीय संवाद कार्यक्रम में उन्होंने राज्य के चहुंमुखी विकास, औद्योगिक तरक्की, इंफ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत संरचना) के कायाकल्प, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य क्रांति, कानून-व्यवस्था और सुशासन जैसे दूरगामी विषयों पर सरकार का दृष्टिकोण साझा किया।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि ऊधम सिंह नगर जिला उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला मुख्य ‘ग्रोथ इंजन’ है, जिससे उनका बहुत गहरा और आत्मीय जुड़ाव है। उन्होंने रेखांकित किया कि रुद्रपुर आज अपनी मजबूत आर्थिक नीतियों के कारण पूरे राज्य की ‘औद्योगिक राजधानी’ के रूप में देश पटल पर चमक रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड में रोड कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। ऑल वेदर रोड, अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे और रणनीतिक सड़क परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज हुआ है। सड़क नेटवर्क के इस मजबूत संजाल का सीधा लाभ प्रदेश के उद्योगों, व्यापार जगत, पर्यटन सेक्टर और आम जनमानस को मिल रहा है।
कुमाऊं मंडल के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को दूसरे एम्स (AIIMS) की ऐतिहासिक सौगात दी है, जिसका निर्माण किच्छा में बेहद तेज गति से चल रहा है। इस विश्वस्तरीय अस्पताल के पूरी तरह क्रियाशील होने पर ऊधम सिंह नगर के साथ-साथ पूरे कुमाऊं और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं घर के पास ही मिल सकेंगी। इसके अलावा, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम दौर में है, जिसे जल्द ही जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को वैश्विक रफ्तार देने के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यहां से सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट्स उड़ान भर सकेंगी। इससे न केवल निवेश और पर्यटन को नए पंख मिलेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही, सीमांत क्षेत्र के मेलाघाट, सिसैया और नारायण नगर जैसे गांवों को देश का “प्रथम गांव” मानने की प्रधानमंत्री की नई सोच के तहत इन दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि विभिन्न संस्कृतियों को खुद में समेटे हुए ऊधम सिंह नगर असल में एक “मिनी इंडिया” है, जिसकी विविधता और आपसी सौहार्द ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार ने अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक मूल्यवान सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर उसे लोक-कल्याण के कार्यों के लिए सुरक्षित किया है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया गया है, जिसके तहत 100 से अधिक नकल माफिया सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से ही नुकसान की पाई-पाई वसूलने के लिए ‘दंगा विरोधी कानून’ को कड़ाई से लागू किया गया है, जिसने अराजक तत्वों में कानून का खौफ पैदा किया है। मुख्यमंत्री ने अंत में भरोसा जताया कि ‘विकसित उत्तराखंड’ का यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की नींव रखेगा।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में जिले के प्रभारी व परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा, सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा व त्रिलोक सिंह चीमा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल सहित जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा व पंकज उपाध्याय समेत कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे।
