पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर वायरल वीडियो विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और राजनीतिक साजिश करार दिया है। मोहाली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल उन्हें धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और इसी मकसद से यह विवाद खड़ा किया गया है। उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं और उनकी छवि खराब करने के लिए आधुनिक तकनीक तथा मास्क का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वीडियो को लेकर जिस तरह का प्रचार किया जा रहा है, उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ हासिल करना है। उन्होंने वीडियो से जुड़े कुछ तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति की कद-काठी, शारीरिक बनावट, चाल-ढाल और व्यवहार उनसे बिल्कुल मेल नहीं खाते। इसके बावजूद विपक्षी दल लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं और लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, रोजगार और आम आदमी क्लीनिक जैसी योजनाओं पर लगातार काम कर रही है, जिसके कारण विपक्ष जनता के बीच अपनी पकड़ खो चुका है। इसी वजह से अब झूठे प्रचार और विवादित वीडियो का सहारा लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पंजाब की जनता और नानक नाम लेवा संगत पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और सच-झूठ का फैसला भी वही करेगी। उनका कहना था कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से उनकी सरकार का जनहित का काम प्रभावित नहीं होगा और वे विकास के एजेंडे पर ही आगे बढ़ते रहेंगे।
धार्मिक मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उन्हें जानबूझकर धार्मिक विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संस्थाओं और राजनीतिक दलों द्वारा गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार संबंधी पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बेअदबी मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करने वाले नेताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, तो केवल उन्हें ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक जांच को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने वायरल वीडियो की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब की सेवाएं ली थीं, लेकिन अब उन्हीं लैब संचालकों और कर्मचारियों को डराने, धमकाने और उनके खिलाफ मामले दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए भगवंत मान ने कहा कि अब उनके विरोधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी प्रचार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर विपक्ष चिंतित है क्योंकि जनता लगातार आम आदमी पार्टी की नीतियों का समर्थन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है और अंततः जनता ही तय करेगी कि सच्चाई क्या है और झूठ क्या।
फिलहाल वायरल वीडियो विवाद को लेकर पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष मुख्यमंत्री पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री लगातार इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।
