चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्वच्छ वायु प्रबंधन के क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य में जल्द ही एआई सैंडबाक्स लांच किया जाएगा, जबकि पंचकूला में राज्य का अपना एआई स्टेट डेटा सेंटर स्थापित होगा।
इसके साथ ही हरियाणा डेटा एक्सचेंज और हरियाणा स्टेट डेटा लेक प्लेटफार्म विकसित कर सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही एआई गुरुकुल की शुरुआत की जाएगी, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक एआई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस पहल से प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फार सस्टेनेबल डेवलपमेंट और हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट पर कुल 3,647 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस सेवा, हरियाणा सिटी बस सेवा, विकास एवं पंचायत विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, परिवहन विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग सहित नौ विभाग मिलकर कार्य करेंगे।
परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए अर्जुन एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) गठित किया जाएगा। इसकी समीक्षा बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाएगी ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर जनता तक लाभ पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पंचकूला में स्टेट एआई डेटा सेंटर और गुरुग्राम में जीएआइसी स्थापित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं पर 474 करोड़ रुपये की लागत आएगी। राज्य का अपना एआई डेटा सेंटर बनने से विभिन्न विभागों का डेटा एकीकृत होगा और उसका परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से भी मिलान किया जा सकेगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये की लागत से दो सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में स्किल कोर्स, उद्योगों के साथ सहयोगात्मक कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
स्वच्छ वायु के लिए इलेक्ट्रिक परिवहन और आधुनिक निगरानी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि एयर क्वालिटी कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इस योजना पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे तथा इनके संचालन के लिए 200 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
इसके अलावा नए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने और पुराने वाहनों को बदलने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू की जाएगी। उद्योगों में स्वच्छ डीजी सेट के उपयोग, सीइएमएस उपकरणों की स्थापना, डस्ट और वेस्ट मैनेजमेंट क्षमता बढ़ाने, पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने तथा बायो-डीकंपोजर के उपयोग पर शोध को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए दो मोबाइल एयर क्वालिटी जांच वैन
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में दो मोबाइल एयर क्वालिटी जांच वैन भी तैयार की जाएंगी, जो प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में जाकर तत्काल वायु गुणवत्ता का परीक्षण कर सकेंगी। साथ ही हरियाणा डेटा एक्सचेंज नीति भी जल्द लागू की जाएगी, जिससे डेटा आधारित प्रशासन को नई मजबूती मिलेगी।
