हल्द्वानी: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी SIR के तहत गणना-प्रपत्रों के डिजिटलाइजेशन की धीमी रफ्तार पर निर्वाचन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. समीक्षा के दौरान नैनीताल जिले की 6 में से चार विधानसभा सीटों में प्रगति राज्य में सबसे कम पाई गई. इस पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी SIR के तहत मतदाता गणना-प्रपत्रों के डिजिटलाइजेशन कार्य की प्रगति को लेकर निर्वाचन विभाग ने नैनीताल जिले में सख्ती शुरू कर दी है. अभियान की समीक्षा करने पहुंचे अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगडंडे ने जिले में चल रहे कार्यों का जायजा लिया. समीक्षा के दौरान सामने आया कि नैनीताल जिले की 6 में से चार विधानसभा सीटों में डिजिटलाइजेशन की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है.
आंकड़ों के अनुसार कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में अब तक केवल 12 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि भीमताल में 14 प्रतिशत, हल्द्वानी में 14.67 प्रतिशत और नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में 16.75 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन का काम ही पूरा हो पाया है. यह स्थिति राज्य के अन्य जिलों की तुलना में सबसे कम प्रगति वाली मानी जा रही है.
धीमी रफ्तार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले 36 दिनों के भीतर अभियान की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार दिखाई देना चाहिए और निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए.
निर्वाचन विभाग ने अभियान की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है, जिन पोलिंग बूथों पर प्रगति कम पाई जाएगी, वहां संबंधित उप जिलाधिकारी प्रतिदिन समीक्षा करेंगे और उसकी रिपोर्ट निर्धारित आधिकारिक ग्रुप में साझा करेंगे. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नैनीताल ने भी अभियान की धीमी गति पर असंतोष जताते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं.
