चमोली। नंदप्रयाग में निर्माणाधीन तहसील भवन एवं आवासीय परिसर का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन कर आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव भी दिए।
ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा लगभग 265.34 लाख रुपये की लागत से जी+1 संरचना वाले नए तहसील भवन का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन के विभिन्न कक्षों की उपयोगिता और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप उनकी व्यवस्था का मूल्यांकन किया।
भूतल पर प्रस्तावित नायब तहसीलदार कक्ष, तहसीलदार कार्यालय, न्यायालय कक्ष, खतौनी कक्ष, रिकॉर्ड रूम, आरके रूम तथा लॉकर कक्ष का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। वहीं प्रथम तल पर स्थित उपजिलाधिकारी कक्ष, प्रशासनिक अनुभाग, पेशकार कक्ष, एसडीएम न्यायालय और मीटिंग हॉल का भी जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील भवन आम जनता से सीधे जुड़ा कार्यालय है, इसलिए यहां आने वाले नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने स्वच्छ और पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था, प्रतीक्षारत लोगों के लिए बैठने की उचित सुविधा तथा नागरिक-अनुकूल वातावरण विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन को पूर्ण रूप से दिव्यांगजन अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रैंप, सुगम मार्ग, आवश्यक संकेतक और अन्य सुविधाओं को निर्धारित मानकों के अनुसार विकसित करने पर बल दिया ताकि सभी वर्गों के लोग बिना किसी कठिनाई के भवन का उपयोग कर सकें।
अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव और व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने स्टोर और रिकॉर्ड रूम को आवश्यकता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने भवन में लिफ्ट स्थापना का कार्य भी निर्माण के साथ-साथ पूरा करने को कहा, जिससे भविष्य में कर्मचारियों और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कार्यदायी संस्था को सभी सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तहसील भवन के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन आवासीय परिसर का भी जायजा लिया। लगभग 236.50 लाख रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इस परिसर में चार टाइप-1, चार टाइप-2, एक टाइप-3 और एक टाइप-4 आवासीय क्वार्टर बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए सभी आवासीय इकाइयों का निर्माण आगामी जनवरी तक पूरा करने को कहा। अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आल्हा दिया तथा अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
