चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में स्वयं को अकेला व्यक्ति दर्ज कराने वाले नागरिकों के सत्यापन अभियान को तेज कर दिया है। सरकार का मानना है कि सही और वास्तविक आंकड़ों के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में अकेले व्यक्तियों के आय और पारिवारिक स्थिति संबंधी विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। हरियाणा में कुल 3 लाख 54 हजार 215 व्यक्तियों ने परिवार पहचान पत्र में स्वयं को अकेला व्यक्ति दर्शाया हुआ है। इनमें से 1 लाख 90 हजार 112 व्यक्तियों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम दर्ज है।
166249 लोगों का सत्यापन हो चुका
इनमें अब तक 1 लाख 66 हजार 240 व्यक्तियों का गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी में सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है। प्रदेश सरकार धरातल पर एकल परिवार वाले व्यक्ति का सत्यापन करने के बाद उनके कल्याण के लिए अधिक लाभान्वित भी कर सकती है।
यदि सत्यापन में एकल होने का दावा गलत पाया गया तो प्रारंभिक तौर पर ऐसे व्यक्तियों को अपने परिवार के बाकी उन सदस्यों के साथ जुड़ने की सलाह दी जाएगी, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल करने की मंशा से अलग परिवार पहचान पत्र बनवा रखे हैं।
नागरिकों को फोन पर भेजे जा रहे मैसेज
सरकार को यदि ऐसे एकल व्यक्ति मिले, जिनकी हालत काफी खराब है तो न केवल उनकी पेंशन अलग से बढ़ाई जा सकती है। परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट को-आर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा ऐसे सभी नागरिकों को मोबाइल संदेश भेजकर सत्यापन कराने की जानकारी दी जा रही है।
यह भी जानें
- कुल अकेले व्यक्ति: 3,54,215
- 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले: 1,90,112
- बीपीएल श्रेणी में सत्यापित: 1,66,240
- शेष व्यक्तियों का सत्यापन जारी
- मोबाइल संदेशों के माध्यम से दी जा रही सूचना
- सत्यापन के बाद ही योजनाओं का लाभ होगा सुनिश्चित।
