हल्द्वानी: विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. आलम ये रहा कि आज 1,19,228 श्रद्धालुओं ने कैंची धाम पहुंचकर नीम करोली बाबा के दर्शन किए. इस दौरान श्रद्धालु प्रशासन की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए. जबकि, मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा.
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में आयोजित स्थापना दिवस मेले के दौरान रविवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. सुबह से ही बाबा नीम करोली (नीब करौरी) महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं. देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे.
1,19,228 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन: प्रशासन की मानें तो रात तक 1,19,228 श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं, जिनका असर पूरे मेले के दौरान साफ दिखाई दिया. सबसे बड़ी राहत यातायात व्यवस्था को लेकर रही.
पिछले सालों की तुलना में इस बार हल्द्वानी से भवाली और कैंची धाम तक कहीं भी बड़े जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली. जगह-जगह तैनात पुलिसकर्मियों, शटल सेवा और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान के चलते वाहनों का संचालन सुचारू रूप से चलता रहा. श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यात्रा और दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
“हमारा कैंची धाम आने का कोई पहले से तय प्लान नहीं था, लेकिन बाबा की कृपा से आज कैंची धाम स्थापना दिवस के ऐतिहासिक और भव्य अवसर का हिस्सा भी बन गईं.“- ऋषा सालवे, श्रद्धालु, महाराष्ट्र
सुरक्षा व्यवस्था भी रही चाक-चौबंद: मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही. सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन कैमरों और बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी गई. स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई. लगातार काफी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जारी रहा.
बाबा के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा कैंची धाम क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर नजर आया. अल सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा. वहीं, मेले क्षेत्र के बाहर स्थानीय लोगों की ओर से श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद, पानी, अन्य खाद्य पदार्थ वितरित किए गए. वहीं, बारिश भी हुई, लेकिन बारिश की बौछार भी आस्था का सैलाब नहीं रोक पाई.
“पुलिस प्रशासन ने यहां बेहतरीन व्यवस्था की है. जहां हमें 5-6 घंटे का अनुमान था, वहीं मात्र आधे घंटे में बिना किसी असुविधा के भक्तों को दिव्य दर्शन हुए.“- श्रद्धालु, पटियाला, पंजाब
