उत्तराखंड के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल ऑडियो-वीडियो विवाद में देहरादून की डालनवाला कोतवाली पुलिस ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। पुलिस ने ज्वालापुर विधानसभा सीट से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह बड़ी कार्रवाई भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे और पुलिस जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के दौरान मुकदमे में कई अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी थीं।
इस पूरे मामले की शुरुआत इसी साल 5 जनवरी 2026 को हुई थी, जब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने डालनवाला कोतवाली में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर और एक्ट्रेस उर्मिला सनावर ने कुछ राजनीतिक दलों के साथ मिलकर एक सोची-समझी आपराधिक साजिश रची। इस साजिश के तहत एक झूठी और पूरी तरह मनगढ़ंत ऑडियो-वीडियो क्लिप तैयार की गई। इस क्लिप में आपसी बातचीत के माध्यम से भाजपा प्रभारी और पार्टी के अन्य शीर्ष पदाधिकारियों की सामाजिक व राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया था। इतना ही नहीं, इस भ्रामक सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल कर राज्य की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और दंगे भड़काने की कोशिश का भी आरोप लगा था।
दुष्यंत कुमार गौतम की तहरीर पर डालनवाला पुलिस ने 5 जनवरी 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 04/2026 दर्ज किया था। शुरुआती तौर पर यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 336(4), 353(2), 356(3) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(D) व 66(E) के तहत पंजीकृत हुआ था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने इसकी गहनता से जांच करने के आदेश दिए थे। विवेचना के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण बयान, सबूत और वैज्ञानिक तथ्य मिले, जिसके आधार पर मुकदमे में जबरन वसूली (Extortion) से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6) की बढ़ोतरी की गई।
सबूतों का शिकंजा कसने के बाद डालनवाला पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। रविवार, 14 जून 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिहारीगढ़ फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की और अभियुक्त सुरेश राठौर को धर दबोचा। पुलिस टीम ने सोमवार को आरोपी पूर्व विधायक को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार सुद्धोवाला (देहरादून) भेजने के आदेश दे दिए हैं।
