हरिद्वार: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चरम सीमा पर चल रही और गर्मियों की छुट्टियां पड़ने पर बड़ी संख्या में यात्री हरिद्वार पहुंच रहे हैं. लेकिन ई रिक्शाओं में बैठने पर कई यात्रियों से तय किराए से ज्यादा किराया वसूले जाने और ओवरलोडिंग की शिकायत मिल रही थी. डीएम के निर्देश पर शिकायतों का संज्ञान लेकर हरिद्वार के एआरटीओ निखिल शर्मा आम यात्री बनकर ई रिक्शाओं में सफर करने निकल पड़े. उन्होंने कई रिक्शाओं में बैठकर सफर किया और इस दौरान तय किराए से अधिक किराया वसूलने के साथ ही कई रिक्शाओं में तय सवारियों से अधिक सवारियां बैठाने की पुष्टि हुई.
चारधाम यात्रा के दृष्टिगत हरिद्वार में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा तथा उनके आर्थिक शोषण की रोकथाम के लिए डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ, प्रशासन, निखिल शर्मा द्वारा स्वयं आम यात्री के रूप में विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं में यात्रा कर औचक जांच की गई. जांच के दौरान पहले ई-रिक्शा में ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक दो यात्रियों के साथ यात्रा की गई. उक्त दूरी के लिए सामान्यतः लगभग ₹20 किराया लिया जाना चाहिए था, किन्तु चालक द्वारा ₹50 की मांग की गई तथा वसूला गया. यात्रियों से अत्यधिक किराया वसूलने एवं नियमों के उल्लंघन के कारण संबंधित ई-रिक्शा को तत्काल सीज कर दिया गया.
इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक यात्रा के दौरान एक अन्य ई-रिक्शा चालक द्वारा, जहां सामान्य किराया लगभग ₹30 होना चाहिए था, वहां ₹150 की मांग की गई. चारधाम यात्रियों एवं आम जनता के आर्थिक शोषण के इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए उक्त ई-रिक्शा को भी तत्काल सीज कर दिया गया. तीसरे केस में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान संबंधित ई-रिक्शा चालक द्वारा न केवल निर्धारित से अधिक किराया वसूला गया, बल्कि वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की गई. यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ को अत्यंत गंभीर मानते हुए उक्त ई-रिक्शा को भी तत्काल सीज कर दिया गया.
जनपद के समस्त परिवहन अधिकारियों एवं प्रवर्तन अधिकारियों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से औचक निरीक्षण एवं गुप्त जांच अभियान संचालित किए जाएंगे. ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग तथा यात्रियों के आर्थिक शोषण के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
-निखिल शर्मा, एआरटीओ-
एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ई-रिक्शा द्वारा समस्त सवारियों से मिलाकर अधिकतम ₹12 प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा सकता है. इसके बावजूद कुछ ई-रिक्शा चालक चारधाम यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक किराया वसूल कर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं. औचक जांच में पकड़े गए तीनों प्रकरणों में किराया शासन द्वारा निर्धारित मानकों से कहीं अधिक पाया गया. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी वाहन चालक द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूलना, ओवरलोडिंग करना अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता करना स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में परिवहन विभाग द्वारा कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
इस कार्रवाई से ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही तथा परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यात्रियों के आर्थिक शोषण एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी.
