शिमला। एचआरटीसी के हजारों पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर आई है। अब पेंशनरों को हर माह के सात से 10 तारीख के बीच पेंशन मिलेगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में एचआरटीसी पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन का भुगतान हर माह निर्धारित तिथि पर समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा। पेंशन के लिए सरकार प्रतिमाह 23 करोड़ रुपये की ग्रांट उपलब्ध करवाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निपटारे के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा भी की।
वर्तमान राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बैठक में प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल और ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर, देवराज ठाकुर व बृज लाल ठाकुर भी उपस्थित रहे।
समय पर पेंशन मिलने से परेशानियां होगी कम
पेंशनरों ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेंशन प्राप्त करने के लिए दो से तीन माह तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समय पर पेंशन के भुगतान से उनकी परेशानियां काफी हद तक कम होंगी।
निगम प्रबंधन को मुख्यमंत्री ने जारी किए निर्देश
मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी प्रबंधन को निर्देश दिए कि अक्टूबर, 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को शीघ्र पेंशन लाभ प्रदान किया जाए, जिनकी पेंशन अभी तक शुरू नहीं हुई है।
एचआरटीसी को प्रतिवर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं, जिनमें लगभग 800 करोड़ रुपये निगम की आय और 720 करोड़ रुपये राज्य सरकार से ग्रांट के रूप में प्राप्त होते हैं। एचआरटीसी लगभग 3,000 बसों का संचालन करता है, जिससे निगम का वित्तीय बोझ बढ़ता है।
