पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की जिसके साथ ही उन्होंने पार्टी छोड़ने की अटकलों को विराम दे दिया है।हालांकि इससे पहले कैप्टन ने बिना उनकी सलाह केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रधान नियुक्त किए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। इससे यह भी चर्चा शुरू हो गई थी कि कैप्टन दोबारा कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
यहां तक कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भी यह बात कर दी थी कि कैप्टन अमरिंदर कांग्रेस के संपर्क में हैं और अपनी पुरानी पार्टी में लौट सकते हैं। हालांकि कैप्टन ने इससे इन्कार कर दिया है और कहा हर पार्टी का काम करने का अपना तरीका है और यही बात कही थी, जिसका गलत मतलब निकाला गया।
कैप्टन ने कहा कि यह बैठक काफी समय से लंबित थी। हमने पंजाब से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की। इसमें सूबे की कानूनी व्यवस्था व नशे का बढ़ता कारोबार भी शामिल है जिसमें पहले से वृद्धि हुई है। वर्ष 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव है और चुनाव से ठीक पहले कैप्टन के सक्रिय होने से सूबे की राजनीतिक भी गर्मा गई है।
कैप्टन ने सूबे में भाजपा के किसी भी दल के साथ गठबंधन करने की चर्चाओं पर कहा कि अभी इसे लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि चुनाव में समय है। हालांकि उन्होंने कहा कि पंजाब में पार्टी के विस्तार को लेकर चर्चा की गई है ताकि अभी से इसके लिए प्रयास किए जा सकें। कैप्टन ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की है और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनसे बात की
